
NOW HINDUSTAN. कोरबा। रजगामार बस्ती से 19 October को लापता हुई 7 वर्षीय बच्ची भव्या जोशी का शव घने जंगल के भीतर नहर किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। बच्ची 19 अक्टूबर को घर से घरेलू उपयोग का सामान लेने के लिए पास की राशन दुकान गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। गुरुवार की सुबह बच्ची का शव मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि बच्ची के साथ अनाचार करने के बाद उसकी हत्या की गई होगी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
राशन दुकान जाने के बाद लापता हुई थी बच्ची
परिजनों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे पिता प्रकाश जोशी ने अपनी बेटी भव्या को नजदीक की राशन दुकान से घरेलू सामान लाने के लिए भेजा था। काफी देर तक बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने पर रजगामार चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
जंगल में नहर किनारे मिला शव
बच्ची की तलाश के दौरान रजगामार के घने जंगल में नहर किनारे उसका शव मिलने की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया का जायजा लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस जांच में जुटी, कई पहलुओं पर पड़ताल
पुलिस बच्ची के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की परिस्थितियों की जांच कर रही है। राशन दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। बच्ची के साथ अनाचार और हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। फॉरेंसिक टीम भी जांच के लिए मौके पर पहुंच गई । वही बाघ को भी आरोपी को पकड़ने में लगाया गया है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक द्विवेदी ने मीडिया को बताया कि आरोपी की खोजबीन की जा रही है जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा ।
फिलहाल बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों और घटना में शामिल लोगों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




