
15 नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी के बीच मौसम की अनिश्चितता बनी चुनौती, खेतों में कटाई का काम शुरू
NOW HINDUSTAN. कोरबा। छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव से मौसम में बदलाव और बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में धान कटाई का काम शुरू हो चुका है और किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में बारिश होने पर खेतों में खड़ी और कटकर रखी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती धान की कटाई, मिंजाई और उपज को सुरक्षित रखने की है। खेतों में कटी हुई धान की फसल भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वहीं, नमी बढ़ने से धान को सुखाने और खरीदी केंद्रों तक पहुंचाने में भी परेशानी आ सकती है।

एक ओर किसान फसल कटाई में जुटे हैं, तो दूसरी ओर 15 नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे समय में मौसम का बिगड़ना किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। यदि बारिश होती है, तो कटाई और मिंजाई का काम प्रभावित होने के साथ ही किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।
किसानों को उम्मीद है कि मौसम जल्द सामान्य होगा, ताकि वे समय पर धान की कटाई और मिंजाई पूरी कर सकें तथा अपनी उपज को सुरक्षित तरीके से खरीदी केंद्रों तक पहुंचा सकें। फिलहाल किसानों की नजर मौसम के पूर्वानुमान पर टिकी हुई है।



