
स्कूल में आधुनिक तकनीक से पढ़ाई को मिलेगा नया आयाम, बिना कहीं जाए 3D में समझ सकेंगे विज्ञान, इतिहास और अंतरिक्ष की दुनिया
NOW HINDUSTAN. कोरबा। जिले की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। कोरबा जिले की पहली वर्चुअल रियलिटी (VR) लैब पीएमश्री विद्यालय थाना स्कूल में स्थापित की जा रही है। इस लैब में 20 VR हेडसेट का सेटअप लगाया जा रहा है। इसके माध्यम से अब स्कूली बच्चे कक्षा में बैठकर ही वर्चुअल दुनिया का अनुभव कर सकेंगे और विभिन्न विषयों की जानकारी को 3D तकनीक से समझ सकेंगे।
खण्ड शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र साहू ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि VR लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई अधिक रोचक और अनुभव आधारित बनेगी।
वहीं, इंजीनियर मनीष अग्रवाल ने VR लैब की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थी आंखों पर VR हेडसेट लगाकर आभासी दुनिया में प्रवेश कर सकेंगे। इसके जरिए उन्हें विभिन्न विषयों से जुड़ी जानकारियां आसानी से समझाई जा सकेंगी। जिन चीजों को सामान्य तौर पर किताबों में पढ़कर समझना कठिन होता है, उन्हें विद्यार्थी 3D स्वरूप में देखकर अनुभव कर सकेंगे।
क्या है वर्चुअल रियलिटी लैब?
वर्चुअल रियलिटी (VR) लैब एक आधुनिक डिजिटल प्रयोगशाला है, जहां VR हेडसेट और कंप्यूटर आधारित तकनीक से वास्तविक दुनिया जैसा आभासी वातावरण तैयार किया जाता है। इसमें विद्यार्थी बिना किसी वास्तविक स्थान पर जाए 3D तकनीक के माध्यम से विभिन्न वस्तुओं, स्थानों और घटनाओं को देख और अनुभव कर सकते हैं।
इन विषयों को समझना होगा आसान
VR लैब के माध्यम से विद्यार्थी विज्ञान, गणित और इतिहास जैसे विषयों को 3D स्वरूप में समझ सकेंगे। मानव शरीर की संरचना, अंतरिक्ष, ग्रहों और सौरमंडल की जानकारी भी वर्चुअल माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा इंजीनियरिंग, तकनीकी प्रशिक्षण, एनिमेशन और गेमिंग जैसे क्षेत्रों की प्रारंभिक जानकारी हासिल करने में भी यह तकनीक उपयोगी हो सकती है।
इस पहल से स्कूल में पढ़ाई का तरीका अधिक आधुनिक, रोचक और अनुभवात्मक बनने की उम्मीद है। अब विद्यार्थियों को केवल किताबों और तस्वीरों तक सीमित रहने के बजाय तकनीक के माध्यम से सीखने और समझने का अवसर मिलेगा।




