
NOW HINDUSTAN. कोरबा। जिले के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरना रिस्दा लालघाट बस्ती में संचालित एक कबाड़ दुकान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर दुकान में चोरी के सामान की खरीद-बिक्री किए जाने की आशंका जताई जा रही है। बस्ती के बीच संचालित इस दुकान को लेकर लोगों ने जांच की मांग की है। हालांकि, दुकान में चोरी का सामान खरीदे जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों के आरोपों के मुताबिक, बिट्टू साहू नामक व्यक्ति द्वारा यहां कबाड़ दुकान संचालित की जा रही है। आरोप है कि दुकान में प्लांटों से चोरी किए गए लोहे के सामान के अलावा तांबा, पीतल और अन्य धातुओं की खरीद-बिक्री होती है। इन आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए दुकान में मौजूद सामग्री, उसके स्रोत, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
बस्ती के बीच दुकान, लोगों ने जताई चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस्ती के बीच कबाड़ कारोबार संचालित होने से उन्हें परेशानी हो रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि चोरी का सामान खरीदने-बेचने की गतिविधियां होती हैं, तो इससे क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में कबाड़ दुकान की नियमित जांच और कारोबार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।
कार्रवाई को लेकर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि पुलिस की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचने के बावजूद ठोस नतीजे सामने नहीं आते। हालांकि, संबंधित दुकान पर पुलिस द्वारा पूर्व में की गई कार्रवाई, जांच के निष्कर्ष और किसी अनियमितता की पुष्टि के संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि अब तक दुकान की कितनी बार जांच की गई और शिकायत मिलने पर क्या कदम उठाए गए।
दुकान में रखे सामान के स्रोत की जांच जरूरी
कबाड़ कारोबार में चोरी की संपत्ति की खरीद-बिक्री की आशंका होने पर संबंधित सामग्री के स्रोत और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होती है। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या चोरी की संपत्ति से संबंधित प्रमाण सामने आते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, वैध कारोबार करने वालों और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच स्पष्ट अंतर करना भी जरूरी है।
अब पुलिस की जांच पर टिकी निगाहें
लालघाट बस्ती में कबाड़ दुकान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बालको पुलिस शिकायतों की जांच कर क्या तथ्य सामने लाती है। क्या दुकान में मौजूद कबाड़ के स्रोत और खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी? फिलहाल, स्थानीय लोगों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।



