
कोरबा NOW HINDUSTAN जमनीपाली स्थित 2600 मेगावाट के एनटीपीसी पावर प्लांट से प्रभावित भू विस्थापित 150 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आईटीआई चौक पर आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल आईटीआई, रामपुर स्थित तानसेन चौक पहुंचे। जहां भू विस्थापित धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पावर प्लांट प्रभावितों को अपना समर्थन दिया। मौके पर कोरबा और कटघोरा दोनों अनुभाग के एसडीएम भी मौजूद थे। जिन्हें राजस्व मंत्री ने भू विस्थापित, एनटीपीसी प्रबंधन व प्रशासन की उपस्थिति में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि मामले को समझकर समस्या का निराकरण किया जाए। भू- विस्थापितों की मांग को संवेदनशीलता से संज्ञान में लिया जाए।
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मौके पर मौजूद आंदोलनरत भू- विस्थापित मंत्री को अपने बीच पाकर काफी उत्साहित थे। जिन्होंने कहा कि हम मंत्री के समर्थन का स्वागत करते हैं। अब एक नई उम्मीद जगी है कि 1978-79 से जो मांगे लंबित हैं। उसे पूरा किया जाएगा और कार्यवाही जरूर होगी।
भू -विस्थापितों को समर्थन देने स्थल पर पहुंचे मंत्री अग्रवाल ने कहा कि एनटीपीसी प्लांट से प्रभावित चारपारा कोहड़िया के ग्रामीण कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं इन्हें अपना समर्थन दिया है। मौके पर कोरबा और कटघोरा दोनों क्षेत्रों के एसडीएम को बुलाया है। मैंने इन्हें निर्देश दिया है कि जो भी हो सकता है इन्हें अविलंब दिलवाएं। नौकरी पुनर्वास और मुवावजे की मांग सालों से लंबित है। जब एनटीपीसी का पावर प्लांट 1980 के दशक में लगा, तब किसानों के जमीनों का अधिग्रहण हुआ था। यह मामला 40 साल पुराना है, बीच में ऐसा भी हुआ की सीपत के प्रभावितों को कोरबा के एनटीपीसी पावर प्लांट में पदस्थ कर दिया गया, जिसका हमने तभी विरोध किया था। इसलिए कोरबा के जो प्रभावित है जिनकी जमीन गई है, उन्हें नौकरी मुआवजा मिलना चाहिए इसके लिए आवश्यक निर्देश दिये हैं।
भू- विस्थापित लक्ष्मण लाल केवट ने बताया कि हम 22 अप्रैल से आंदोलन कर रहे हैं। आज हमारे धरना प्रदर्शन का 154 दिन है। आज हमारे बीच क्षेत्र विधायक और मंत्री जयसिंह अग्रवाल आए। जिन्होंने हमें समर्थन दिया है, हम उनके समर्थन का स्वागत करते हैं। मंत्री ने संज्ञान में लिया वरना एनटीपीसी ने हमारे साथ जिस तरह का रवैया अपनाया है वह बेहद पीड़ादायी है। लगातार धोखाधड़ी कर रहे हैं ,आज मंत्री ने दोनों एसडीएम को सहयोग करने को कहा है ,जिससे उम्मीद जगी है कि कुछ ना कुछ होगा। एसडीएम से भी हमारा सहयोग करने को कहा है और हम चाहते हैं कि जो प्रकरण हमारे नौकरी पुनर्वास और मुआवजा को लेकर लंबित है उनकी अच्छे से जांच हो जाए। हमारे पास सारे तथ्य मौजूद हैं और यदि ठोस तरीके से जांच होगी ,हमारी बातों को सुना जाएगा तो निश्चित तौर पर हमारी समस्या का समाधान होगा।
लखन लाल देवांगन के मोहल्ले से ताल्लुक रखते हैं विस्थापित:
यह बताना भी जरूरी है कि जो विस्थापित 154 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। लखन लाल देवांगन के मोहल्ले के निवासी हैं। लेकिन भाजपा प्रत्याशी ने उनकी कभी भी सुध नहीं ली। चारपारा कोहड़िया के लगभग 300 परिवार एनटीपीसी पावर प्लांट से प्रभावित हैं। विस्थापितों का आरोप है कि एनटीपीसी प्रबंधन ने भूमि अधिग्रहण के वक्त कई वादे किए थे। प्रत्येक परिवार के व्यक्ति को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा प्रदान करने की बातें हुईं थी। लेकिन यह मांगे आज तक लंबित हैं। जबकि 40 साल में कई पीढ़ियां गुजर चुकी हैं।

मौके पर पहुंचे कोरबा एसडीएम श्रीकांत वर्मा ने कहा कि एनटीपीसी पावर प्लांट से प्रभावित भू- विस्थापितों से चर्चा की है। मंत्री से भी आवश्यक निर्देश मिले हैं। जिसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।


