बालिकाओं के साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को निखारने सुपर गर्ल्स प्रतियोगिता का हुआ आयोजन….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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कोरबा/गरियाबंद NOW HINDUSTAN  कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा बालिकाओं की सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कला प्रतिभा को निखारने हेतु गरियाबंद सुपर गर्ल्स प्रतियोगिता का आयोजन चार चरणों में किया गया। विकासखण्ड स्तर से चुनकर आई सुपर गर्ल्स ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी कला का प्रदर्शन किया। आज गरियाबंद के शासकीय कन्या हायर सेकण्डरी स्कूल में जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले की स्कूली बच्चियों को पढ़ाई के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में अपने हुनर दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। स्कूली छात्राओं ने सात विधाओं वाद विवाद,गीत,कविता,भाषण, एकल नृत्य,वाद्य यंत्र एवं कराटे में अपनी हुनर का प्रदर्शन किया।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में कलेक्टर आकाश छिकारा एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पायल छिकारा ने शामिल होकर स्कूली बच्चियों की प्रतिभाओं का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चियों के हुनर देखकर उन्हें प्रोत्साहित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। साथ जिला स्तरीय में प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अशोक पांडे, जिला मिशन समन्वयक श्री केएस नायक सहित विकासखण्ड समन्वयक, संकुल समन्वयक संबंधित शाला के प्रधानपाठक एवं शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

जिला स्तरीय सुपर गर्ल्स प्रतियोगिता में उड़ीसा सीमावर्ती देवभोग सहित बीहड़ जंगलों से आई बालिकाओं ने भी अपने प्रतिभा से सबको प्रभावित किया। कलेक्टर श्री छिकारा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत में कभी कमी नहीं रहनी चाहिए। हमें कभी सेल्फ डाउट नहीं करना चाहिए। लगातार मेहनत करते रहना चाहिए। कभी अपने मन से निराश नहीं होना है। कड़ी मेहनत से सफलता निश्चित मिलती है। जिला प्रशासन की नई-नई गतिविधियों द्वारा बालिकाओं के अंदर छिपे हुनर को तराशने का प्रयास किया जा रहा है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु सात विधाओं में चरणबद्ध तरीके से सुपर गर्ल्स प्रतियोगिता आयोजित है। बेटियां अनुशासन, परंपरा, संस्कृति कला से समृद्ध होती है।

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पारंपरिक लोक नृत्य संस्कृति सभ्यता की दिखा झलक –  प्रतियोगिता में स्कूली बच्चियों ने कविता, भाषण एवं विभिन्न विधाओं में अपनी हुनर का प्रदर्शन किया। पिता की गुमान, मां की अभिमान, भाई की शान परिवार की पहचान होती है बेटियां और सच कहूं तो दो फूलों को तारने वाली बहुत महान होती है बेटियां। बालिकाओं ने हमारी संस्कृति, धरोहर, पहचान को पारंपरिक वेशभूषा के साथ मनमोहक नृत्य के द्वारा जीवंत प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ी, हिंदी एवं देशभक्ति गीतों पर सुमधुर संगीत से आबद्ध गायन भी किया। निशान, दमऊ, दफड़ा, टासक, नाल, तबला, आर्गन, बैंजो, हारमोनियम के सात सुरों से वाद्य यंत्रों को शास्त्रीय संगीत से जोड़ने का प्रयास किया।

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