नए संयंत्र की प्रक्रिया पूरी करने में दो माह की देरी, एचटीपीपी की एक इकाई के बंद होने से लेनी पड़ रही महंगी बिजली….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा जिले के एचटीपीपी विस्तार निर्माण की प्रक्रिया को लेकर जन सुनवाई स्थगित कर दी गई है। विधानसभा चुनाव के कारण प्रभावी आचार संहिता लग जाने से प्रक्रिया पूरी करने में दो महीने की देरी होगी। यहां पर सुपर क्रिटिकल टेक्निकल के 660 मेगावाट की दो यूनिट लगाई जाएगी, जो अब तक सबसे बड़ा पॉवर प्लांट होगा। साल 2029 तक एक इकाई से बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। हालांकि अब आचार संहिता हटने के बाद ही एचटीपीपी विस्तार निर्माण की प्रक्रिया को लेकर जनसुनवाई हो पाएगी। आगे ठंड बढ़ेगी, इसकी वजह से बिजली की डिमांड में कमी आने पर राहत मिलेगी।
एचटीपीपी संयंत्र के मुख्य अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि एचटीपीपी संयंत्र की चार नंबर की इकाई 28 अक्टूबर को लाइटअप कर दी जाएगी। इसे जरूरी रखरखाव के लिए बंद किया गया है। उत्पादन कंपनी के अपने संयंत्रों से बिजली बनाने की क्षमता से प्रदेश में डिमांड ज्यादा है। इसकी वजह से निजी संयंत्रों की महंगी बिजली खरीदकर मांग के अनुरूप आपूर्ति को बरकरार रखा जा रहा है। इस तरह प्रदेश में लोड शेडिंग के हालत नहीं बनने दिया जा रहा। एचटीपीपी प्लांट की चार नंबर इकाई बंद होने से बांगो हाइडल प्लांट की दो यूनिट से बिजली बन रही है।
उत्पादन कंपनी के एचटीपीपी पॉवर प्लांट से सर्वाधिक बिजली की आपूर्ति होती है। 210 मेगावाट की चार पुरानी इकाइयों के अलावा 500 मेगावाट क्षमता की एक अन्य इकाई भी है। इस तरह 1340 मेगावाट क्षमता एचटीपीपी पॉवर प्लांट की है। 210 मेगावाट की चार नंबर इकाई उत्पादन से बाहर है। जबकि बुधवार को बिजली की अधिकतम डिमांड 4600 मेगावाट रही। वहीं उत्पादन कंपनी के संयंत्रों से कुल 2400 मेगावाट के करीब बिजली उत्पादन होने से सेंट्रल सेक्टर से 2100 मेगावाट तक बिजली लेनी पड़ी।

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