कोरबा ब्लॉक के उपार्जन केंद्रों में नहीं हुई अब तक बोहनी * 9838 किसानों ने इस वर्ष कराया पंजीयन….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN कोरबा प्रदेश में 1 नवंबर से भले ही समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का काम प्रारंभ हो गया है लेकिन एक पखवाड़ा बीत जाने पर भी विकासखंड कोरबा के उपार्जन केंद्र बोहनी को तरस गए हैं। चुनावी सीजन और दूसरे कारण से इस काम से पिछडऩे की बात बताई जा रही है। संभावना है कि 17 नवंबर के बाद धान की आवक इन केंद्रों में शुरू हो सकती है।
विकासखंड कोरबा के अंतर्गत 9 उपार्जन केंद्र कार्यशील हैं जहां पर कुल 9838 किसानों का पंजीकरण है। उपार्जन सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक यहां न तो टोकन कटा है और न ही धान की मात्रा पहुंची है। जबकि समय से पहले ही उपार्जन केंद्रों के कर्मचारियों के द्वारा सभी प्राथमिक जरूरतों की पूर्ति कर ली गई। प्रशासन के निर्देश पर आधारभूत प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। वर्तमान में इन सभी उपार्जन केंद्रों में धान की कोई मात्रा नहीं पहुंच सकी है। जबकि जिले के कुछ केंद्रों में धान खरीदी का शुभारंभ होने के साथ सामान्य तरीके से आवाक का होना जारी है।
बताया गया कि जिले में वर्ष 2023-24 के लिए 50,912 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से 7,550 नवीन किसान हैं जबकि 689 किसानों का पंजीकरण उपार्जन व्यवस्था से निरस्त किया गया है। सरकार ने धान खरीदी के लिए 2203 रुपए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की है। कुल दो श्रेणियों में धान की खरीदी कोरबा सहित छत्तीसगढ़ में की जा रही है।

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