शव का अपमान करते हुए चक्काजाम करने पर दो मामले दर्ज, पुलिस ने की लोगों की पहचान शुरू…..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN  कोरबा जिलान्तर्गत बालको-परसाभाठा मार्ग में नवधा पंडाल के पास हुए हादसे में ऑटो चालक की मृत्यु के मामले में चक्काजाम करने व शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन को लेकर दो अलग-अलग अपराध पुलिस ने दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार एक शिकायत में कहा गया है कि 14 अप्रेल को शाम लगभग 6 बजे कुछ अज्ञात 5-10 लोगों के द्वारा परसाभाठा मेन रोड में शव को रखकर नारेबाजी, अपशब्द बोलना एवं आने -जाने वाले लोगों से विवाद किया गया।
कहा जा रहा हैं की शव का इस प्रकार अपमान रोड में करना जो आने-जाने की सड़क है जिस पर सैकडों वाहनों एवं लोगों व पशुओं का आवागमन होता है एवं गंदगी रहती है उस पर शव को रखकर शव का अपमान किया गया जिससे मानवीय भावनाओं को क्षति पहुंची है। बालको पुलिस ने धारा 279, 34 के तहत अज्ञात लोगो के विरुद्ध जुर्म दर्ज किया है।
* 40-50 लोगों पर एक और दूसरी एफआईआर दर्ज
इसी तरह एक वाहन चालक की रिपोर्ट पर 40-50 व्यक्तियों पर धारा 294, 34, 341-IPC का जुर्म दर्ज किया गया है। आरोप है कि 13 अप्रैल को दुर्घटना की बात को लेकर कुछ असामाजिक तत्व परसाभाठा बजरंग चौक पास चक्का जाम किये थे। प्रार्थी अपना कैंपर वाहन लेकर बालको से कैंप आरकेटीसी की ओर जा रहा था। तब परसाभाठा के पास 40-50 असामाजिक तत्वों के द्वारा दुर्घटना की घटना को मुद्दा बनाकर चक्काजाम कर रास्ता बंद कर आवागमन 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक अवरूद्ध किया गया। जो भी ड्रायवर जाम में फंसे थे उनके साथ दुर्व्यवहार, गाली गलौच की गयी। इनके द्वारा बिना किसी कारण के आने-जाने वाले लोगों का रास्ता जबरदस्ती रोका गया एवं कार्य में जबरदस्ती बाधा उत्पन्न की गई जिससे हमें मानसिक और आर्थिक परेशानियां हुई है। ग्रीष्म ऋतु होने के कारण अभी गर्मी चरम में है ऐसे स्थिति में भी ड्राइवर जो कि लोहे के 6X4 के केबिन में जाम में फंसे होते है एवं अत्यधिक गर्मी के कारण उनके स्वास्थ्य पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है एवं 13 अप्रैल को जाम लगने के कारण लगभग हजारों गाड़ियां प्रभावित हुई, जिसके कारण कई ड्राइवरों की तबियत गर्मी अत्यधिक होने से खराब हो गई थी। 40-50 असामाजिक तत्व चक्काजाम कर अपने लाभ का अवसर बनाते है और अपने निजी स्वार्थ के कारण हजारों गाड़ी मालिक एवं ड्राइवरों को परेशान करते है, इन असामाजिक तत्वों को इसकी कोई भी चिंता नहीं होती कि जाम के कारण ड्राइवर एवं गाड़ी मालिक को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी होती है और लगभग सभी गाड़ी मालिक अपने गाड़ियो का किश्त भी जमा करते है। जाम के कारण आर्थिक नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती है, ऐसे असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। शिकायत पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर पहचान की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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