कोयला मंत्रालय के दिशा-निर्देशन में सतर्कता जागरूकता अंतर्गत 6-दिवसीय कोल स्टॉक निरीक्षण अभियान हुआ संपन्न……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN korba सीवीओ जयंत कुमार खमारी के नेतृत्व में एसईसीएल सतर्कता विभाग ने अत्याधुनिक तकनीक की मदद से एसईसीएल के कुसमुंडा एवं रायगढ़ क्षेत्रों में कोयला स्टॉक, आईटी उपायों जैसे वे-ब्रिज, बूम बैरियर, सीसीटीवी आदि का निरीक्षण किया।
कोयला मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार, गुड गवर्नेंस को बढ़ावा देने एवं भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एसईसीएल सतर्कता विभाग द्वारा मुख्य सतर्कता अधिकारी जयंत कुमार खमारी के नेतृत्व में एसईसीएल के कुसमुंडा एवं रायगढ़ क्षेत्र में कोयला स्टॉक को मापने का व्यापक अभियान चलाया गया।
निवारक सतर्कता (प्रिवेंटिव विजिलेन्स) के तहत चलाए गए इस अभियान में कोयला स्टॉक निरीक्षण करने के लिए सतर्कता विभाग द्वारा 2 टीमों का गठन किया गया था जिसमें 8-9 कोल स्टॉक भंडारण एवं मापने के विषय विशेषज्ञ अधिकारी भी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान इन टीमों द्वारा कोयला स्टॉक मापने के लिए एडवांस्ड तकनीक का प्रयोग किया गया।
इस अभियान के दौरान सतर्कता विभाग की टीमों ने लगातार 6 दिन भीषण गर्मी का सामना करते हुए हर हिस्से में जाकर कोयला स्टॉक की जांच की। कई-कई जगह कोयला स्टॉक की मात्रा काफी अधिक थी लेकिन फिर भी टीम ने पूरी मुस्तैदी पूरे स्टॉक को मापा। कोयला स्टॉक मापने के अतिरिक्त इस अभियान में विभिन्न आईटी उपायों जैसे वे-ब्रिज, बूम बैरियर, सीसीटीवी, डबल्यूसीएस तथा कोल हैंडलिंग प्लांट, दोनों तरफ का वेमेंट, आदि की भी वृहद समीक्षा की गई।
सरकारी कोयला एवं लिग्नाइट कंपनियों में गुड गवर्नेंस को बढ़ावा देने एवं कोयला स्टॉक मापने से जुड़ी गतिविधियों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इस अभियान की परिकल्पना अपर सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी, कोयला मंत्रालय श्रीमती रूपिंदर बरार द्वारा की गई। श्रीमती बरार के दिशा-निर्देशन में संभवतः पहली बार देश भर की कोल एवं लिग्नाइट कंपनियों में एक साथ कोयला स्टॉक जाँचने का यह व्यापक अभियान चलाया गया। मुख्य सतर्कता अधिकारी, कोल इंडिया ब्रजेश कुमार त्रिपाठी द्वारा भी एसईसीएल में चलाए गए अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की गई।

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