कोरबा से जुड़ा महादेव एक कनेक्शन, गोवा में पुलिस की छापामारी, आठ सटोरिये गिरफ्तार….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN korba  महादेव एप के तार कोरबा से जुड़ गए हैं । पुलिस ने डीएम रोड में रहने वाले युवक प्रतीक विधवानी को गिरफ्तार कर लिया है । उसी की बैंक खाते के स्टेटमेंट के 17 करोड रुपए के लेनदेन का पता चला है।  प्रतीक से पूछताछ के बाद पुलिस ने गोवा के एक फ्लैट में छापा मारकर 7 सटोरियों को गिरफ्तार किया था।  जिसमें महाराष्ट्र, हरियाणा और गोवा के युवक शामिल है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल , लैपटॉप पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।  पुलिस ने आरोपियों पर साजिश और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है ।

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यह पहला अवसर है जब कोरबा पुलिस ने आईपीएल में महादेव ऐप से होने वाले सट्टा के मामले में इतने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। इस संबंध में पुलिस सबूत जुटा रही है।

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि आईपीएल सीजन में सट्टा खेलने और खिलाने के संबंध में जानकारियां मिल रही थी । इसी दौरान पुलिस को इस खेल में शामिल प्रतीक विधवानी के बारे में पता चला। पुलिस ने डीएम रोड स्थित प्रतीक के मकान में दबिश दी और उसे पकड़ लिया।  प्रतीक के मोबाइल फोन की जांच की गई । उसमें कई बैंक खातों के नंबर और व्हाट्सएप के ग्रुप मिले । जिससे पता चला कि बैंक खातों में प्रतीक के जरिए लेनदेन हुआ है । पुलिस ने प्रतीक के बैंक खातों की जांच की तब इसमें पता चला की प्रतीक ने अलग-अलग बैंक खातों से 17 करोड रुपए का ट्रांजैक्शन किया है । पूछताछ में पता चला की प्रतीक महादेव ऐप से जुड़ा हुआ है और उसका गिरोह गोवा में बैठकर संगठित तरीके से सट्टटा के कारोबार को चल रहा है ।

तब पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली और प्रतीक के मोबाइल फोन के मिले कुछ महत्वपूर्ण नंबरों की निगरानी शुरू की । इसमें पुष्टि हुई कि सटोरियों का गिरोह गोवा में बैठकर छत्तीसगढ़ सहित देश के अलग-अलग राज्यों में सट्टा चल रहा था। इसके आधार पर पुलिस ने गोवा के जयराम नगर स्थित पूनिया संडेस भवन में दबिश दी और चार सटोरियों को पकड़ लिया।  सटोरियों ने सट्टा खिलाने के लिए अपना दफ्तर बना लिया था और वहीं से देश भर में सट्टा खेल खिला रहे थे ।

पूछताछ में पता चला कि महादेव m-100 आईडी पैनल के माध्यम से सत्ता को स्वीकार करते थे। इन चारों के निशानदेही पर पुलिस ने तीन अन्य सटोरियों को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में महादेव एप  151आईडी का भी पता चला।  पुलिस ने छापामारी के दौरान सटोरियों के कब्जे से 13 लैपटॉप और 48 मोबाइल फोन बरामद किए।

अलग-अलग बैंकों के पासबुक, 14 चेक बुक और 40 एटीएम कार्ड किए गए बरामद

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सटोरियों के पास से पुलिस ने अलग-अलग बैंकों की 26 पासबुक, 14 चेक बुक, 40 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन खातों से 100 करोड रुपए से अधिक के लेनदेन होने का पता चला है । आगे भी विवेचना की जा रही है।  उन्होंने बताया कि कुछ खाते में लगभग 30 लख रुपए पड़ा हुआ है। इसे पुलिस ने बैंक के माध्यम से फ्रीज कर दिया है। भविष्य में अब इस राशि को नहीं निकाल सकेंगे।

पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उसने प्रतीक  विधवानी के अलावा रायपुर सिविल लाइन थाना अंतर्गत कटोरा तालाब निवासी मनीष उदासी ,वर्धा महाराष्ट्र का रहने वाला सौरव नरेश, महादेव घाट रोड सत्य विहार कॉलोनी का रहने वाला मधुर सेवल , रायपुर गुुुढियारी निवासी नारायण कुमार निषाद,  टिकेंद्र मांडवी ग्राम बोरसी जिला दुर्ग और नागपुर महाराष्ट्र का रहने वाला दिलीप वासवानी शामिल है । आरोपियों को गिरफ्त में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है ।

गिरोह को लेनदेन के लिए खाता देने वाले चार युवक भी पकड़ाए 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सटोरियों का गिरोह लेनदेन के लिए लोगों से भाड़े पर खाता लेता था। ट्रांजैक्शन के बदले खातेदारों को रुपए दिए जाते थे। जिन खातों से लेनदेन हुआ है उसमें विजयधारी उम्र 34 वर्ष पुरानी बस्ती कोरबा, आदित्य प्रसाद खैरवार सालिया भाटा, मुन्ना खान 47 वर्ष सीतामढ़ी और मुडापार क्षेत्र में रहने वाला मनीष पाहुंजा उम्र 34 वर्ष शामिल है । इनके खातों को पुलिस ने जप्त कर लिया है। खातों से पुलिस लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस को जांच के दौरान लेनदेन का जो आंकड़ा मिला है। वह काफी चौंकाने वाला है। पुलिस का कहना है कि चारों युवकों के खातों से करोड़ों का रुपए का लेनदेन हुआ है ।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान सटोरिया प्रतीक से पूछताछ के बाद कोरबा पुलिस की एक टीम गोवा भेजी गई थी ।इसमें भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रविंद्र कुमार मीणा को शामिल किया गया था। मीणा ने अपनी टीम के साथ गिरोह के सदस्यों को पड़कर कोरबा लाया।

बरहाल पुलिस के इस खुलासे के बाद शहर में सट्टा बाजार को लेकर चर्चा आम है।

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