NOW HINDUSTAN कोरबा जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या और संसाधन में बढ़ोतरी का काम लगातार चल रहा है, इस प्रकार की कार्य पद्धति से अधिकतम लोगों को चिकित्सा लाभ देना संभव हुआ है, लेकिन कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। पोंडी-उपरोड़ा विकास खंड अंतर्गत पचरा पौडी उपस्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है। जर्जर स्थिति में भवन के होने से एक तो कम मरीज यहां पहुंचते हैं और जो आते हैं, उन्हें इस बात का भय बना रहता हैं कि पता नहीं कब क्या हो जाए।
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जानकारी के अनुसार अस्पताल भवन का छज्जा गिर रहा है। साथ ही दीवार पूरी तरह छतिग्रस्त हो गई है। हर कोने में इस प्रकार के नजारे सामने आ रहे हैं जिनमे दरारों को साफ देखा जा सकता है। यही कारण है कि इस अस्पताल में उपचार करने के लिए आने से पहले मरीज को काफी सोच विचार करना पड़ता है कि वह जाएं या नहीं। आपात स्थिति में यहां संस्थागत प्रसव से संबंधित मामलों को निपटाया जा रहा है। इस दौरान गर्भवती स्त्री के साथ-साथ परिजनों को अंदेशा बना होता है कि पता नहीं कब क्या हो जाए। अस्पताल की जर्जर स्थिति को देखते हुए काफी समय से इसके सुधार के लिए मांग की जाती रही है लेकिन अब तक इस तरफ गंभीरता नहीं दिखाई गयी हैं। इस केंद्र के कर्मचारियों के साथ-साथ मरीज डर के साये में ड्यूटी करने और उपचार करने मजबूर हैं।

