छुरीकला में 14 करोड़ खर्च के बाद भी नहीं बिछा नया पाइप लाइन , बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामवासी….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN  कोरबा जिला अंतर्गत छुरीकला इन दिनों पेयजल की भीषण संकट से जूझ रहा हैं।इसके संकट निदान के लिए 14 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित जल आवर्धन का काम 9 साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। योजना के तहत दर्री बांध का पानी को उपचारित कर नगर तक पहुंचाना है। पूरी राशि ट्रीटमेंट प्लांट बनाने और डांड़गांव हसदेव नदी से पानी पाइप लगाने में खर्च हो गयी। चार करोड़ अतिरिक्त लागत बढ़ने के कारण नया पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हुआ।

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समस्या निदान नहीं होने से नगरवासी जल संकट से जूझ रहे हैं। वर्तमान में नगर में पानी की आपूर्ति 22 साल पुराने नलजल योजना से हो रही है। पहले यहां की आबादी ढाई हजार थी, जो बढ़कर पांच हजार से भी अधिक हो गई है। बोर से इतने लोगाें के लिए पानी की आपूर्ति संभव नहीं है। जल आवर्धन शुरू होने से लोगों को आए दिन होने वाली पेयजल समस्या से मुक्ति की आशा बन गई थी। जगह-जगह से टूट चुके पाइप लाइन से मटमैला पानी आने से समस्या और विकट हो गई है। जल आवर्धन को मूर्तरुप दिए जाने के लिए तीन चरणों में काम किया जाना था। इसमें दर्री बांध से छुरी तक पाइप बिछाना, जल उपचार संयंत्र तैयार करना व नगरीय क्षेत्र में नया पाइप लाइन बिछाना शामिल था। तीनों कार्य के लिए अलग-अलग निविदा की गई। प्रथम चरण के कार्य में जल उपचार संयंत्र और बांध से छुरी तक पाइप बिछाने का काम तो हुआ हुआ लेकिन पूरे नगर में एक साथ पानी सप्लाई के लिए पाइप लाइन से पानी आपूर्ति की योजना अभी भी अधूरी है।

बीते वर्ष पीएचई विभाग ने इसकी औपचारिक शुरूआत कर दी, लेकिन पूर्ण समाधान के लिए कारगर कदम नहीं उठाये गए। नगरवासियोंं का कहना है कि जब तक नया पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा नहीं होगा तब जल संकट से छुरी नगर को मुक्ति मिलना कठिन है।

नलजल योजना के तहत जारी जल आपूर्ति के लिए नगर के छह वार्डों में अब भी पाइप लाइन नहीं बिछी है। कोसगाई वार्ड, संत पुलाहारी, बिंझपुर, सतनाम आदि ऐसे वार्ड हैं जिन्हे अब भी मुख्य पाइप लाइन से नहीं जोडा़ गया है। इन वार्डों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बोर खुदाई कर पानी आपूर्ति की जा रही है।

बोर खराब होने की वजह से आए दिन यहां पानी की समस्या रहती है। यहां टैंकर के भरोसे पानी आपूर्ति की जा रही है। गर्मी के चलते हैंडपंप, कुंआ के अलावा तालाब आदि स्त्रोतों का जल स्तर गिर चुका है। निस्तारी की समस्या को देखते हुए जल आवर्धन को इन वार्डो में भी जोड़ने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। जल संकट निदान के लिए स्वीकृत की गई राशि की उपयोगिता फाइलों में दब कर रह गई। दो स्थानों में बोर भी किया गया, लेकिन स्थल परीक्षण किए बगैर उत्खनन कराए जाने से पानी नहीं निकला।
नगर पंचायत छुरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी करूणाकर देव ने कहा हैं की जल संकट से जूझ रहे छुरी नगर के विभिन्न वार्डों में टैंकर से पेयजल ही आपूर्ति कराई जा रही है।

जल आवर्धन योजना के लिए रिटर्न केनाल से नगर तक पानी पहुंचाने का काम पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में पुराने पाइपलाइन से जल आपूर्ति की जा रही है। व्यवस्था सुधार के लिए पीएचई विभाग को कई बार पत्रचार किया जा चुका है। कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में निराकरण के लिए कहा है।

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