NOW HINDUSTAN कोरबा अंचल में कुआंभट्टा क्षेत्र के निवासियो को उच्च न्यायालय के आदेश पर बेदखल करने आए तहसीलदार, पटवारी और पुलिस प्रशासन को बस्ती वालों के विरोध से उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा था। बस्ती वालों ने वार्ड पार्षद के साथ मिलकर उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया हैं। इस संबंध में वार्ड पार्षद शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय में गरीबों के सम्मान में अपना आदेश देते हुए इस मामले में हमें स्थगन आदेश दिया है।
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उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में जब कोरबा में कांग्रेस के विधायक जयसिंह अग्रवाल एवं छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की सरकार की तब शहर में किसी गरीब की झोपड़ी नहीं टूटी अभी वर्तमान में भाजपा की सरकार बनी केवल 6 माह बीते हैं। ऐसे में अपने पूंजीपति दोस्तों को लाभ पहुंचाने के इरादे से बरसों से काबिज गरीबों को उनके आवासों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका विरोध अवश्य होना चाहिए। वार्ड पार्षद ने उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने पर बस्ती के लोगों के साथ पूर्व विधायक एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मिलकर उनका धन्यवाद व्यक्त किया।

