कोरबा जिला शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह से दो नाबालिग बालक फरार….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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शौचालय की दीवार कूद कर भागे

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कुछ घंटे पहले महिला बाल विकास अधिकारी ने किया था पूर्ण निरीक्षण

NOW HINDUSTAN कोरबा जिले के शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह से दो नाबालिक बालक फरार हो गए हैं। बताया जा रहा हैं की बालगृह का संचालन कुक और हाउस कीपर के भरोसे हैं। कटघोरा और पाली थाना क्षेत्र में अनाचार की घटना के मामले में पुलिस ने दो नाबालिक बालक के खिलाफ प्रावधानिक कार्यवाही की थी। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस बाल गृह में लगे सीसीटीवी कैमरे के आधार पर जांच शुरू कर दी हैं।

उल्लेखनीय हैं कि रविवार रात में ही महिला और बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश निरीक्षण के लिए बाल संप्रेक्षण गृह पहुंची थी। उन्होंने बालकों से चर्चा के बाद सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए थे। उनके निरीक्षक को महज कुछ ही घंटे बीते थे कि 2 बालको ने भाग कर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी।

अनाचार के मामले में दो नाबालिक बालक को भेजा गया था बाल संप्रेषण गृह

जानकारी के मुताबिक, दोनों नाबालिक बालक को सिविल लाइन थाना अंतर्गत रिसदी चौक बाल संप्रेषण गृह में भेजा गया था। रोजाना की तरह रात में भोजन बाद बालगृह को बंद कर दिया गया था। दोनों बालक भी अन्य अपचारी बालकों की तरह अपने बेड में सोने चले गए।

शौचालय की दीवार के सहारे कूद कर हुए फरार

सोमवार सुबह उनकी नींद खुली और वे शौच के बहाने बाल संप्रेक्षण गृह के पीछे हिस्से में पहुंचे। इसके बाद शौचालय की दीवार के सहारे कूद कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि घटना के कुछ ही देर पहले सुरक्षा में तैनात नगर सैनिक संतोष केवट राउंड के बाद मुख्य द्वार में बैठा था।
कमरे में नहीं पहुंचे तो फरार होने की लगी जानकारी

अपचारी बालक के फरार होने की जानकारी तब लगी जब वह काफी देर तक कमरे में नहीं पहुंचे। यह खबर फैलते ही विभाग में हड़कंप मच गया और इसकी सूचना बालक के परिजनों को दी गई और बालक के घर पहुंचने पर तत्काल अवगत कराने कहा गया।
बालगृह में 4 कर्मचारी ही कार्यरत

जानकारी के अनुसार बाल संप्रेक्षण गृह के संचालन के लिए 16 अधिकारी कर्मचारी का सेटअप तैयार है लेकिन 4 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। बाल संप्रेक्षण गृह का संचालन कुक और हाउस कीपर के भरोसे चल रहा है। उन पर ही विभाग पूरी तरह निर्भर है, जिसका सीधा असर व्यवस्था पर पड़ रहा है।
इस तरह की घटना पहली बार हुई हो, इससे पहले भी अपचारी बालक फरार हो चुके हैं। हाल ही में हुए घटनाक्रम के फरार बालक अभी तक पकड़े नहीं जा सके हैं।

वही कोहड़िया में नया बाल संप्रेक्षण गृह बनकर तैयार हो चुका है लेकिन अभी भी प्रशासन उसे खोलने में रुचि नही ले रहा है । अब उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे है । क्या यही वजह है कि अभी तक भवन का हैंड ओवर नही लिया गया है । यहां भी करोङो रुपये की बर्बादी दिखाई दे रही है ।

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