NOW HINDUSTAN. कोरबा सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना एसईसीएल-कुसमुंडा कोयला खदान में कार्यरत ठेका श्रमिकों को खदान के अधीन कार्यरत एक निजी ठेका कंपनी के द्वारा लगभग 110 ठेका कर्मियों को बिना किसी सूचना या नोटिस के काम से हटा दिए जाने का आरोप लगाया गया हैं, बताया जा रहा हैं की जिससे मजदूरों और उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया है।
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ठेका श्रमिकों का आरोप है कि उन्होंने निष्ठा पूर्वक काम किया था, बावजूद इसके उन्हें भरी बरसात के दौरान अचानक काम से बैठा दिया गया। इस कार्यवाही से सभी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं, जिससे उनके परिवारों का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने इस मामले की शिकायत एसईसीएल कुसमुंडा के मुख्य महाप्रबंधक से की।
श्रमिकों का कहना है कि इसके अलावा निजी ठेका कंपनी द्वारा ठेका कर्मियों के पीएफ और वेतन में भी भारी कटौती की गई है। जब श्रमिकों ने अपने अधिकारों की मांग की, तो कंपनी प्रबंधक ने उन्हें धमकाने और मारपीट करने के लिए गुंडों का सहारा लिया।
इसकी शिकायत मजदूरों ने वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और जिलाधीश कोरबा से भी की है। यह भी आरोप लगाया जा रहा हैं कि एसईसीएल कुसमुंडा खदान के मुख्य महाप्रबंधक और सेफ्टी सुरक्षा अधिकारी दशकों से ठेका कर्मियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। प्रतिवर्ष ठेका कर्मियों की अकाल मृत्यु हो रही है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। मजदूरों में इसे लेकर आक्रोश दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

