NOW HINDUSTAN korba. छोटे बच्चों की स्वास्थ्य शिक्षा और पोषण संबंधी आवश्यक जरूर को पूरा करने आंगनबाड़ी केदो का निर्माण कराया जाता है वहीं उक्त केदो को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग अपने कार्यों को लेकर दावे करती है। उक्त दावे की पोल जमीनी स्तर पर ध्वस्त हो जाती है।
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मौजूदा मामला कोरबा जनपद अंतर्गत गढ़ उपरोड़ा पंचायत के बहरा का है, मौजूदा स्तिथि में संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र बहरा पुरी तरीके से जर्जर हो गया है, एवं रोजाना उक्त भवन की छत टूटकर नीचे गिरती है। आलम तो यह है की उक्त भवन में बच्चो के जान के खतरो को देखते हुए उक्त भवन में आंगनबाड़ी का संचालन नहीं किया जा रहा है।
गौरतलब हो की उक्त केंद्र में 15 -20 बच्चे आते है जो आंगनबाड़ी भवन न होने के अभाव में निजी भवन में आंगन बड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है, आलम तो यह की जिम्मेदार आधिकारी कर्मचारी एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लगातार क्षेत्रो का निरक्षण कर रिर्पोट तैयार करने की बात करते है। ऐसे में उक्त जर्जर भवन उनके दस्तावेजों में शुमार नहीं होते है।
ग्रामीणों ने बताया की बीते 1.5 वर्षो से भवन की स्तिथि जर्जर बनी हुई है, जिससे बच्चो के जीवन के खतरो को देखते हुए निजी मकान में आंगनबाड़ी का संचालन किया जा रहा

