अंचल के श्रीसप्तदेव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव की तैयारियॉं चल रही जोर-शोर से…..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN korba.  प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी अंचल में स्थापित श्रीसप्तदेव मंदिर में 26 अगस्त दिन सोमवार को ‘‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव’’ धूमधाम से मनाई जायेगी जिसकी वृहद तैयारियॉं मंदिर में प्रारंभ हो गई है।
मंदिर में प्रतिवर्ष लगाई जाने वाली झांकियो को मूर्तिकारो द्वारा सजाया जा रहा है तथा मंदिर परिसर के भीतर बड़े-बड़े पंडालों में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं पर आधारित झांकियों को जिनमे श्रीकृष्ण का कारावास में जन्म, श्रीवासुदेव द्वारा श्रीकृष्ण को नदी पार कराना, श्रीकृष्ण द्वारा वकासुर का वध, श्रीकृष्ण द्वारा कालियॉं नाग का वध, श्रीकृष्ण द्वारा पर्वत को अपनी ऊगंली पर उठाना, श्री राणीसती दादी की झांकियों को चलायमान बनाने का प्रयास किया जा रहा है तथा इन चलायमान झांकियों को पंडालों में सजाकर रखा जायेगा। जिनके दर्शन भक्तगण उस दिन सांय 4.00 बजे से लेकर रात्रि 1.00 बजे तक कर सकेगें। साथ ही भगवान के जीवन चरित्र को जान सकेगें।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व 25 अगस्त दिन रविवार को मंदिर में दोपहर 3.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक ‘‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’’ का आयोजन किया गया है। इस प्रतियोगिता में जिन्हे भी भाग लेना हो वे अपना पंजीयन मंदिर में करवा सकते है।
इसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही मंदिर में बच्चों का ‘‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’’ दोपहर 3.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक किया जायेगा। तत्पश्चात रात्रि 8.00 से 11.00 बजे तक श्रीश्याम भजन की प्रस्तुति पंकता एवं प्रज्ञा दीदी, पोढ़ी के द्वारा किया जायेगा एवं भगवान के जन्म के पूर्व रात्रि 11.00 बजे से भव्य आतिशबाजी की जायेगी एवं रात्रि 12.00 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कराया जायेगा।

श्रीसप्तदेव मंदिर परिवार और मंदिर के मुख्य ट्रस्टी अशोक अग्रवाल ने समस्त भक्तजनों से आग्रह किया है कि उक्त अवसरों पर होने वाली प्रतियोगिता एवं भजन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उत्सव का आनंद लेंवें।

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