NOW HINDUSTAN. Korba. सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना एसईसीएल-गेवरा द्वारा अर्जित ग्राम दरर्राखांचा अमगांव तहसील हरदीबाजार स्थित मकानों व परिसंपत्तियो के मुआवजा में विसंगति की शिकायत एवं कार्यवाही की मांग करते हुए ग्रामीणों ने एक ज्ञापन एसडीएम को सौंप 13 सितंबर को खदान बंद करने की चेतावनी दी हैं।
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उक्त ज्ञापन में कहा गया है कि एसईसीएल गेवरा क्षेत्र द्वारा ग्राम दर्राखांचा अमगांव तहसील हस्दीबाजार अनुभाग पाली जिला कोरबा छत्तीसगढ़ स्थित मकानों और परिसंपत्तियो का नापी सर्वे एक साल पहले किया जा चुका है। नापी से पूर्व एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक एस.के. मोहंती और भू राजस्व अधिकारी नरसिम्हा राय (मंगू) ने अपने कार्यालय में बुलाकर हम ग्रामवासियों को आश्वासन दिया था कि उनके मुआवजा और अन्य सुविधायें जैसे कि रोजगार से वंचित भूविस्थापित को कौशल उन्नयन सह सहयोग राशि, बसाहट के एवज में बढ़ी दर से पुनर्वास राशि इत्यादि का पूरा पूरा भुगतान किया जाएगा किन्तु अब लगभग एक साल बाद मुआवजा भुगतान के लिए दी गयी। जानकारी में उक्त सभी सुविधाओं और मुआवजा दर में कटौती कर दिया गया है।
निम्न मांगो को लेकर बी खदान बंद की चेतावनी
01. एसईसीएल गेवरा द्वारा स्वीकृत मुआवजा की जानकारी दी गई है, जो लागत मुल्य से भी कम है शासन की मूल्यांकन बोर्ड में दर्शित निर्देशानुसार बिना कटौती मुआवजा का भुगतान किया जाये।
* 02. ग्राम दर्राखांचा अमगांव के समस्त परिवार के परिसंपत्तियो की बनाए गए मुआवजा की सूची (कुल क्षेत्रफल की जानकारी) / कच्चा-पक्का, सहित सार्वजनिक स्थल में प्रदर्शित (चस्पा) किया जाए।
* 03. समरत मकान धारको के 18 वर्ष से अधिक को अलग परिवार मानते हुये बसाहट अथवा उसके एवज में राशि प्रदान की जाए और मलगांव में शासकीय भूमि पर निर्मित मकानों के अधार पर 6 लाख रुपये बसाहट के बदले राशि प्रदान कि गई है। उसी तरह दर्राखांचा में भुगतान किया जाये।
* 04. कट ऑफ पाइन्ट से नीचे (कम रकबा) के लोगो को रोजगार के एवज में कौशल उन्नयन सहित सहायता राशि 5 लाख रुपये प्रदान किया जाये।
* 05. निजी अथवा शासकीय भूमि में बने मकान व परिसंपत्तियो का 100% सोलिशियम प्रदान किया जाए।

