13 सितम्बर की गेवरा, दीपका खदान बन्दी को लेकर बैठक आयोजित, कटघोरा विधायक ने आंदोलन को दिया समर्थन…..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. गेवरा//कोरबा:-साउथ ईस्ट कोलफील्ड लिमिटेड एसईसीएल गेवरा क्षेत्र अंतर्गत अर्जित ग्राम दर्राखांचा अमगांव में आज कटघोरा क्षेत्र के विधायक प्रेमचंद पटेल की उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई जिसमें ग्राम के मकानों को नापी सर्वे से पूर्व एसईसीएल गेवरा द्वारा रोजगार,मुआवजा और बसाहट से संबंधित दी जाने वाली सुविधाओं को बिना काट छांट उपलब्ध कराने की वायदा से मुकरने और मुआवजा की राशि में भारी कटौती की जानकारी ग्रामीणों ने विधायक को सुनाई जिसपर कटघोरा विधायक ने आश्वस्त किया है कि भुविस्थापित परिवारों के साथ अन्याय नही होगा और 13 सितम्बर की आंदोलन में खदान बंद आंदोलन में ग्रामीणों के साथ है ।

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इस सबन्ध में अमगांव के ग्रामीणों ने बताया है कि एसईसीएल प्रबंधन भूमि अर्जन कानून और पुनर्वास नीति का अपने नफा नुकसान के आधार पर निर्धारण कर रही है वर्ष 2009 में अमगांव का अर्जन किया गया है और 15 वर्ष बाद गांव के शेष बचे मकानों और परिसम्पत्ति का सर्वे मूल्यांकन कर मुआवजा निर्धारण हो रहा है अर्जन करते समय छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति था और अभी नया केंद्रीय भू-अर्जन पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम है जबकि कोल बेयरिंग एक्ट और कोल इंडिया पालिसी 2012 के तहत रोजगार के प्रावधानों को भी शामिल कर भूविस्थापितों को गुमराह कर उनकी वाजिब अधिकारों से वंचित किया जा रहा है । यहां पर अभी भी 153 बड़े खातेदारों को रोजगार नही दिया जा सका है और बसाहट भी अप्राप्त है मकानों और परिसम्पत्ति का सर्वे मूल्यांकन पूर्व प्रबधन के अधिकारियों ने किसी भी तरह से कटौती करने से इनकार किया था बसाहट के बदले 15 लाख रुपये राशि निजी भूमि तथा शासकीय भूमि पर बने मकानों के एवज में 6 लाख रुपये प्रदान करने का आश्वसन दिया था किंतु अब मुआवजा की जानकारी में पता चल रहा है कि राशि मे भारी कटौती कर दिया गया है जो बर्दाश्त नही हो सकता ग्रामीणों ने एसईसीएल गेवरा के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि जो इस समय नौकरी कर रहे हैं उनको मकान ध्वस्त करने के लिए धमकी मिल रही है और मना करने पर ड्यूटी से सस्पेंड करने की चेतावनी दिया जा रहा है यही उनको गांब के अन्य लोंगो को भी मकान तोड़ने के लिए मनाने के कार्य मे लगाया जा रहा है जिससे भोले-भाले आदिवासी कर्मचारियों के मन मे भय व्याप्त हो गया है वही यहां के सरपंच और पंच को प्रशासनिक दबाव के साथ भयभीत किया जा रहा है ।

ग्रामीणों ने इसी कारण आंदोलन के लिये बाध्य होकर 13 सितम्बर को गेवरा दीपका के अमगांव और मलगांव फेस को बंद करने की चेतावनी दिया हैं जिसे क्षेत्र के विधायक , जनपद सदस्यों ने अपना समर्थन दिया है आज के बैठक में कटघोरा विधायक प्रेम चंद पटेल , जनपद सदस्य अनिल टण्डन , मुकेश जायसवाल , भुविस्थापित नेता सपूरन कुलदीप , विजय पाल तंवर , सन्तोष चौहान , अनसुइया राठौर , ललित महिलांगे , व्यास राठौर , बसन्त चौहान , मनीराम भारती , सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे ।

*एसईसीएल की तानाशाही – दर्राखांचा के कबाड़ी मोहल्ला में बुलडोजर चलाया*

आज दोपहर अमगांव के कबाड़ी मोहल्ला में गरीबो की मकानों को खाली कराने के लिए बुलडोजर से खुदाई किया गया है जिससे डर और भय का माहौल तैयार किया जा सके इस समय ग्राम सरपंच को एसईसीएल दीपका के कार्यालय में बुला लिया गया था ताकि किसी तरह की विरोध न हो और आसानी से घरों को ध्वस्त किया जा सके प्रबधन की इस मनमानी का क्षेत्र में भारी आक्रोश होना लाजिमी है क्योंकि यहां की मुआवजा और अन्य सुविधाएं दिया नही गया है और भरी बरसात में उन्हें घर से बेदखल किया जाना मानवीय दृष्टिकोण से भी जायज नही है ।

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