NOW HINDUSTAN. कोरबा अंचल के शिवाजी नगर में स्थित तेलुगु समुदाय द्वारा विगत 25 वर्षों से अधिक वर्षो से गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इस वर्ष समिति के द्वारा रामलला के रूप में भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित की गयी हैं। श्रीगणेश की स्थापना के पश्चात तेलुगु समुदाय के द्वारा भगवान श्रीगणेश को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बैंड-बाजे के साथ मेवे से बना 15 किलो का लड्डू भोग के रूप में चढ़ाया गया है। इस लड्डू की कीमत बोली में लाखों रुपए में जाती है। तेलुगु समुदाय में इसका अपना अलग महत्व है। समुदाय से जुड़ा हर व्यक्ति इसे पाना चाहता है। श्रीगणेश विसर्जन से एक दिन पहले समुदाय के लोगों के बीच इस भोग प्रसाद के रूप में स्थापित लड्डू की बोली लगाई जाती है, जिसकी कीमत लाखों रुपए में जाने की उम्मीद है। गत वर्ष इसकी कीमत एक लाख पच्चीस हजार रुपए गई थी।
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गणेश विसर्जन से पहले इस लड्डू को धूमधाम से बोली लगाने वाले के घर पहुंचाया जाता है। तेलुगु समुदाय के लोगों का मानना है कि इस भोग के रूप में भगवान श्रीगणेश उनके घर में विराजमान होते हैं।इस अवसर पर तेलुगु समुदाय के लोगों ने भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना कर उनसे आशीर्वाद लिया। समुदाय के लोगों ने कहा कि भगवान श्रीगणेश की कृपा से हमारे जीवन में सुख शांति और समृद्धि बनी रहे।

