NOW HINDUSTAN. कोरबा में लोग सब कुछ सह सकते है लेकिन आवाज नही उठा सकते हैं। फिर चाहे ट्रेन की समस्या हो या सड़क की समस्या। वही शासन भी कोरबा के विकास को लेकर चुप बैठा है। कोरबा अंचल में ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की बेतरतीब ढंग से पार्किंग करने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की बीच सड़क पर ही भारी वाहनों की मरम्मत की जा रही है।
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शहर के भीतर नो एंट्री खुलने पर भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होती है और बेतरतीब पार्किंग की वजह से जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में भारी वाहनों की पार्किंग व मेंटेनेंस के लिए नगर निगम ने डेढ़ दशक पहले ही तीन पार्किंग स्थल बनाया है लेकिन वहां भी अतिक्रमण हो चुका है।
कई बार निगम और पुलिस हमला सड़कों से जाम हटाने का कार्य करता है लेकिन फिर से दुकानदार सड़कों पर ही गाड़ी बनाने का काम शुरू कर देते हैं उन्हें ना तो जिला प्रशासन का डर है नहीं पुलिस प्रशासन का। ऐसे में वह दिन कभी नहीं आएगा जब लोगों को हमेशा के लिए जाम और बेतरतीब पार्किंग से मुक्ति मिलेगी।

