मोदी की गारंटी लागू कराने चार सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश भर के छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन में शामिल शिक्षक , लिपिक, पटवारी, तहसीलदार , डिप्टी कलेक्टर और सफाई कर्मी से लेकर वाहन चालक 27 सितंबर को रहेंगे हड़ताल पर, फेडरेशन के पदाधिकारी ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी…..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा / छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आव्हान पर प्रदेश में कार्यरत पौने पांच लाख कर्मचारी अधिकारी के हितों से सम्बधित चार सूत्रीय मांग

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1. जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत लंबित महगाई भत्ता एवं जुलाई 2019 से अनियमित D.A. का एरियर कर्मचारी के GPF खाते में समायोजन ।

2. केन्द्रिय कर्मचारियों के समान गृहभाड़ा भत्ता ।

3. चार स्तरिय समयमान बेतनमान

4. 240 के स्थान पर 300 दिनो का अवकाश नकदीकरण

जो मोदी की गारंटी मे शामिल है, को लेकर चरण वद्ध तरीके से अन्दोलन रत है, 27 सितम्बर 2024 शुक्रवार को चौथे चरण का आन्दोलन जिला मुख्यालय में धरना एवं रैली के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें शिक्षक, बाबू, पटवारी, तहसीलदार, डिप्टी कलेक्टर और सफाई कर्मचारी से लेकर शासकीय वाहन चालक तक के कर्मचारी शामील होगें। कर्मचारियों के हितो से संबंधित मांगो को लेकर पहले तीन चरणों मे शांति पूर्वक आन्दोलन के माध्यम से मांग सरकार के समक्ष रखी गई है, जिसमें पहले चरण में 6 अगस्त को इंद्रावती से महानदी भवन तक शांति मशाल रैली, दुसरा चरण 20 अगस्त से 30 अगस्त तक विधायक, सांसद, मंत्रियों को ज्ञापन, 11 सितम्बर को प्रदेश के 146 वि. खण्ड एवं 33 जिला मुख्यालयों में शांति मशाल रैली कर मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन, अब चौथे चरण 27 सिम्बर को जिला मुखालर्यो में विशाल धरना रैली कर कर्मचारी अधिकारी अपनी चार सूत्रीय मांग जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार के समक्ष रखेगी।

27 सितम्बर को राज्य के सभी विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। कोरबा जिला में जिला एवं खण्ड संयोजकों द्वारा आन्दोलन को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने अपने अपने स्तर पर तैयारी पूर्ण कर ली गई है।

आज छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारी के.आर. डहरिया, तरूण सिंह राठौर, ओमप्रकाश बघेल, राम कपुर कुर्रे द्वारा प्रेसवार्ता लेकर बताया कि, प्रदेश में मोदी की गारंटी पूरी तरह फेल हो चुकी है, यहां तो कर्मचारियों की मूल मांगें को तो दूर डी.ए. जैसे मूल भूत चीजे भी नसीब नहीं हो पा रही है, जब की नवम्बर 2023 में विधान सभा चुनाव के पूर्व प्रदेश भाजपा ने अपने चुनावी धोषणा पत्र में मोदी की गारंटी कहकर राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों से बहुत सारे वादे किये थे। साथ ही यह भी कहा था, कि केन्द्रीय कर्मचारियों का डी.ए. जब जब भी बढ़ेगा, तब तब राज्य के कर्मचारियों का भी डी.ए. तत्काल बढाया जायेगा। लेकिन छत्तीसगढ़ प्रदेश में मोदी की गारंटी फेल हो चुकी है, आज हमे डी.ए. जैसे पूरक, छोटी एवं अनिवार्य मांगों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

छ.ग. कर्मचारी अधिकारी केडेरेशन एवं सम्बध्द संगठनों के पदाधिकारियों को 27 सितम्बर के धरना आन्दोलन को सफल बनाने अपनी अपनी तैयारी पूर्ण करने का आग्रह किया है, साथ ही कोरबा जिले के सभी विभागों में कार्यरत कर्मचारी अधिकारियों को धरना आन्दोलन में सत प्रतिशत उपस्थिति प्रदान करने की अपील की गई है।

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