कुसमुंडा खदान के कम उत्पादन ने बढ़ाई एसईसीएल की चिंता……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba.  सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना कुसमुंडा के नकारात्मक वृद्धि ने कंपनी को चिंता में डाल दिया है। कुसमुंडा खदान का उत्पादन लक्ष्य से काफी पीछे है।

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चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में कुसमुंडा खदान से 11.58 मिलियन टन कोयला उत्पादन दर्ज हुआ। जबकि अप्रैल से सितंबर तक का टारगेट 21.02 मिलियन टन था। यानी लक्ष्य के मुकाबले उत्पादन 55.09 प्रतिशत ही हो पाया। वित्तीय 2024-25 के लिए कुसमुंडा के समक्ष 52 मिलियन टन का लक्ष्य है। इधर एसईसीएल के अन्य मेगा परियोजना गेवरा एवं दीपका का पहली छमाही में प्रदर्शन कुसमुंडा के मुकाबले ठीक रहा है। गेवरा ने 25.70 मिलियन टन के मुकाबले 22.67 मिलियन टन (88.21 प्रतिशत) उत्पादन दर्ज किया। गेवरा का सालाना लक्ष्य 63 मिलियन टन है। दीपका माइंस से 14.15 मिलियन टन (87.51 प्रतिशत) उत्पादन हुआ। पहली छमाही में लक्ष्य 16.17 मिलियन टन था। एसईसीएल का पहली छमाही में कुल उत्पादन 71.48 मिलियन टन रहा। 2024- 25 के लिए 296 मिलियन टन का टारगेट है।

कुसमुंडा मेगा परियोजना पहुंचे सीएमडी

एसईसीएल सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा कुसमुंडा मेगा परियोजना के दौरे पर पहुंचे। दौरे के दौरान उन्होंने सबसे पहले व्यू पॉइंट से खनन गतिविधियों का निरीक्षण किया। कोर टीम से चर्चा करते हुए उन्होने खदान के डिपार्टमेंटल एवं आउटसोर्स पैच में उत्पादन-उत्पादकता की समीक्षा करने के साथ ही खदान के एक्सपोजर प्लान को लेकर भी चर्चा की। खदान के विस्तार को लेकर भी सीएमडी डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों से चर्चा कर आने वाले दिनों में विशेष रणनीति बनाकर खदान के उत्पादन में बढ़ोत्तरी लाने को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने खदान के प्रेषण की भी समीक्षा करी। इसमें वृद्धि लाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा। दौरे के दौरान एसईसीएल के तीनों मेगा परियोजना गेवरा, दीपका एवं कुसमुंडा के महाप्रबन्धक उनके साथ रहे।

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