पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय पुलिस कार्यशाला आयोजित, “एक गुंडा-एक जवान” नीति तथा सक्रिय अपराधियों पर सख्त निगरानी के दिये आदेश…..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. श्रीराम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, द्वारा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा संपत्ति एवं शरीर संबंधी अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक वृहद ऑनलाइन बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज मीटिंग हॉल में किया गया। कार्यशाला में रेंज के समस्त पुलिस अधिकारियों, एसडीओपी और थाना प्रभारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक जिला-सक्ती, द्वारा ‘गुंडा एवं निगरानी बदमाश’ विषय पर अपना व्यापक अनुभव साझा करते हुए ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ और बेसिक पुलिसिंग की पुनर्स्थापना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

# कार्यशाला के मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
* अपराधियों का सटीक वर्गीकरण
पुलिस रेगुलेशन (पैरा 855-860) के तहत आदतन चोरों/लुटेरों को A-Class (निगरानी) और मारपीट/रंगदारी/भू-माफिया को B-Class (गुंडा) में वर्गीकृत कर उनका पूरा बायोडाटा (फोटो, फिंगरप्रिंट, बैंक खाते) अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों के लिए ‘गैंग हिस्ट्री शीट’ बनानी होगी।

* सरप्राइज चेकिंग

बदमाशों की चेकिंग का समय अनिश्चित रखने तथा अधिकारियों को 2-3 सदस्यों की टीम में रहने, टॉर्च को शरीर से दूर (दाहिनी ओर) रखने जैसी सुरक्षा एसओपीएस और बदमाशों के रहन-सहन/आजीविका के मिलान के निर्देश दिए गए।

# रिकॉर्ड संधारण एवं डिजिटल-मैनुअल तालमेल
* रोजनामचा में रवानगी/वापसी की क्रॉस-एंट्री अनिवार्य
* रजिस्टर 7, परवाना फाइल और A-to-Z अल्फाबेटिकल रजिस्टर का संधारण
* बीट जवानों के लिए A, B नोटबुक तथा ‘C Notebook’ (क्राइम) का पुनरुद्धार

# “एक गुंडा -एक जवान” नीति व कठोर वैधानिक कार्यवाही
* हर बदमाश की निगरानी के लिए एक विशिष्ट पुलिसकर्मी जिम्मेदार रखने तथा जमानत के बाद पुन: अपराध करने पर बीएनएसएस की धारा 480 के तहत तुरंत जमानत निरस्तीकरण के दिये गए निर्देश
* धारा 110 बीएनएसएस, 20-50 हजार रुपये का बाउंड ओवर, जिला बदर और पीआईटी एनडीपीएस के तहत सख्त कदम।
* मानवाधिकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट के नियम
‘पुट्टस्वामी केस’ व सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का पालन करते हुए विमुक्त जनजातियों, पिछड़ों या नाबालिगों पर मनमानी कार्यवाही न करने और निजता/मानवाधिकारों का पूरा सम्मान करने के निर्देश
* ग्राम अपराध नोटबुक व मूवमेंट ट्रैकिंग
* VCNB में गांव के प्रतिष्ठित लोगों, कोटवारों और पेंशनर्स का डेटा
* कोटवारों की रोस्टर हाजिरी और मुसाफिर रजिस्टर अनिवार्य
* अंतरराज्यीय/अंतरजिला अपराधियों के लिए BC Roll, SS Roll और केंद्र सरकार के Cri-MAC ऐप से इंटेलिजेंस की जाएगी शेयरिंग
* सुधार का अवसर
जो अपराधी वर्षों से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं, उन्हें निगरानी सूची से हटाया जाएगा, ताकि पुलिस का ध्यान केवल सक्रिय बदमाशों पर रहे।
* त्योहारों से पहले परेड
राष्ट्रीय पर्वों व त्योहारों से पूर्व थानों में गुंडा-बदमाशों की परेड और क्लास ली जाएगी।
आईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि पुलिस की टारगेट बदमाशों पर रहना चाहिये कि वह अपराध की पुनर्विती ना करें। यह महत्वपूर्ण कार्यशाला गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन चेकिंग करने विषय पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य “प्रिवेंटिव पुलिसिंग की सफलता, कोटवारों, पुलिस-मित्रों और जनता के सीधे संवाद पर निर्भर करती है। नियमों का कड़ाई से पालन कर क्षेत्र को पूरी तरह अपराध-मुक्त बनाया जाएगा।”

उक्त ऑन लाईन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किये। बैठक के अंत में आईजी श्री राम गोपाल गर्ग ने पुलिस अधीक्षक सकती का धन्यावाद ज्ञापित करते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इन निर्देशों की स्वयं मॉनिटरिंग करने तथा इनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।

22 जुलाई / मित्तल

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