कुत्तों के हमले से बची नन्ही ज़िंदगी: त्रिपाठी परिवार की संवेदनशीलता ने (कॉपरस्मिथ बार्बेट) को दिया जीवन, फिर जितेंद्र सारथी को किया सुपुर्द…….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. आज के दौर में जहाँ अक्सर लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या में प्रकृति और वन्यजीवों की ओर ध्यान नहीं दे पाते, वहीं कोरबा जिले के दर्री स्थित साडा कॉलोनी से एक ऐसी प्रेरणादायक घटना सामने आई जिसने यह साबित कर दिया कि इंसानियत और संवेदनशीलता आज भी जीवित है,

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एक बसंता (Copper Smith Barbet/ठठेरा) पक्षी घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा हुआ था,असहाय पक्षी पर आसपास घूम रहे कुत्ते झपटने ही वाले थे और कुछ ही क्षणों में उसकी जान जा सकती थी तभी त्रिपाठी परिवार की नजर उस मासूम पक्षी पर पड़ी बिना देर किए उन्होंने उसे कुत्तों के हमले से सुरक्षित बचाया और बड़े स्नेह व सावधानी के साथ सुरक्षित स्थान पर रखा।

 

इसके बाद तत्काल वन विभाग एवं नोवा नेचर सूचना दिया गया विभाग के निर्देशानुसार पक्षी का जितेंद्र सारथी ने सुरक्षित रेस्क्यू कर उसकी आवश्यक देखभाल सुनिश्चित की गई, समय पर दिखाई गई मानवीय संवेदनशीलता ने एक बेजुबान पक्षी को नया जीवन दे दिया।

 

यह घटना केवल एक पक्षी के बचाव की कहानी नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि हर जीव का जीवन अनमोल है यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति थोड़ी-सी जागरूकता और करुणा दिखाए, तो प्रतिवर्ष हजारों घायल पक्षियों और वन्यजीवों का जीवन बचाया जा सकता है।

 

जितेंद्र सारथी ने त्रिपाठी परिवार की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे नागरिक समाज के लिए प्रेरणा हैं साथ ही आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं कोई घायल या संकटग्रस्त पक्षी अथवा वन्यजीव दिखाई दे, तो स्वयं उपचार करने या उसे अनावश्यक रूप से छूने का प्रयास न करें, इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को दें, ताकि वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से उसका उपचार एवं संरक्षण किया जा सके।

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