NOW HINDUSTAN. Korba. कोरबा के जंगलों में बड़ी संख्या में वन्यजीव पाये जाते है। ये कभी कभी बाहर निकलकर गांव और शहर में भी पहुच जाते हैं। ऐसे ही वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, कोरबा वन मंडल के अंतर्गत आने वाले कुदमुरा वन परिक्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण की एक सराहनीय खबर सामने आई है। कुदमुरा परिक्षेत्र सहायक वृत्त के अंतर्गत आने वाले कलमीटिकरा एवं जिलगा के परिसर प्रभारी बीट गार्ड नवीन यादव द्वारा सतर्कता और मुस्तैदी का परिचय देते हुए एक विशाल एवं शक्तिशाली सरीसृप (अजगर) का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
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*घटना का विवरण*
ग्राम जिलगा से लगभग 03 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) कंपनी के परिसर में खड़े एक बड़े ट्रक के निचले हिस्से (चेचिस) में एक अत्यंत शक्तिशाली अजगर छिपा हुआ बैठा था। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा ट्रक में अजगर देखे जाने की सूचना तत्काल परिसर प्रभारी नवीन यादव को दी गई।
सूचना मिलते ही बीट गार्ड नवीन यादव बिना समय गंवाए मौके पर पहुँचे। उन्होंने वन्यजीव के लिए निर्धारित सभी विभागीय प्रोटोकॉल, नियमों एवं विधि-विधानों का कड़ाई से पालन करते हुए अत्यंत सतर्कता के साथ अजगर का सफल एवं सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के उपरांत नियमानुसार अजगर को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
*जनजागरूकता का दिख रहा सकारात्मक असर*
वन विभाग द्वारा लगातार चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों और ग्रामीणों व कर्मचारियों एवं विभाग की सक्रियता का परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
”क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब लोग किसी भी खतरनाक या शक्तिशाली सरीसृप को देखकर घबराते या नुकसान नहीं पहुँचाते हैं, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचित कर पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। आम जनमानस एवं औद्योगिक संस्थानों का यह सजग रवैया वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संरक्षण प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रहा है।”
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए स्थानीय ग्रामीणों एवं कंपनी कर्मचारियों ने वन अमले व परिसर प्रभारी नवीन यादव की त्वरित कार्रवाई और तत्परता की सराहना की है।
*वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वनमंडल कोरबा की जनअपील*
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वनमंडल कोरबा ने सभी जिलावासियों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वन्यजीव के दिखने पर उनसे संबंधित किसी भी सूचना/रेस्क्यू के लिए केवल वन विभाग के अधिकृत अधिकारियों व कर्मचारियों से ही संपर्क करें।
विभाग ने नागरिकों से सतर्कता और जागरूकता दिखाने का आग्रह किया है, ताकि वन्यजीवों के कारण जनमानस को होने वाली क्षति या अप्रिय घटना को न्यूनतम किया जा सके।
वन्य प्राणियों को भी किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
*प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण*
वन विभाग का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों पर मानवीय छाप को रोकना है, ताकि वे अपने प्राकृतिक आवास में अपने मूल वन्य स्वभाव के अनुरूप सुरक्षित रह सकें। वन विभाग द्वारा संचालित ‘सुरक्षित रेस्क्यू कार्यक्रम’ इस दिशा में एक अनूठा और सफल उदाहरण साबित हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों का निरंतर सहयोग मिल रहा है।
*विशेष अभियान: ‘एक पेड़ मां के नाम’*
वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण की इस कड़ी में वन विभाग ने आमजन से “एक पेड़ मां के नाम” योजना के तहत जुड़ने की विशेष अपील की है।
विभाग का संदेश: “प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और केवल पौधा लगाएं ही नहीं, बल्कि उसकी देखरेख कर उसे एक विशाल वृक्ष के रूप में विकसित करने का संकल्प लें।”
वनमंडल कोरबा ने समस्त नागरिकों से वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के इस महान कार्य में निरंतर अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया है।
