NOW HINDUSTAN. Korba. शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान व उनके योगदान को स्मृति पटल पर याद करने का दिन है, जिसे पूरा देश डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती बतौर शिक्षक दिवस मनाते हैं, यह दिवस एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि पूरे दिवस शिक्षक के गरिमा, अधिकार और समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता झलकना चाहिए
आज के शिक्षाविदों को इस आधुनिक युग में समय के साथ चलना होगा , शिक्षकों से शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने व अच्छे परिणाम की अपेक्षा की जाती है,जो उचित भी है, लेकिन पर्याप्त भवन के साथ शैक्षिक संसाधन, कक्षा अनुपात शिक्षक, एवं प्रशिक्षण अनुकूल वातावरण हो, डिजिटल शिक्षा ,स्मार्ट क्लास , ऑनलाइन संसाधन , विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( ए आई) के युग में शिक्षा पद्धति,परिवर्तन से गुजर रही है ऐसे वातावरण में शिक्षक को केवल विषय विशेषज्ञ नहीं बल्कि मार्गदर्शक,प्रेरणादायि की भूमिका भी निभानी होगी
शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक सोच के साथ सरकार, समाज, जन प्रतिनिधि, विभाग अभिभावक/ पालक, और शिक्षक को संकल्प के साथ साझी जिम्मेदारी निभानी होगी
जिस शिक्षक के कंधों पर राष्ट्र का भविष्य टिका है उसके वर्तमान की चिंता करना भी समाज और सरकार की जिम्मेदारी है, शिक्षक के जीवन व उसकी कार्य परिस्थिति से जुड़ी वास्तविक समस्याओं पर नियमानुसार गंभीरता से विचार करने का निवेदन है
आप सभी गुरुजनों को प्रणाम और यथायोग्य सादर अभिवादन
डी. लाल
रिटायर्ड खंड शिक्षा अधिकारी

