NOW HINDUSTAN. कोरबा। छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान की कड़ी में कोरबा पुलिस द्वारा नेहरू सभागार में साइबर चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें लोगों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन ठगी से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आम नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन शामिल हुए। इस अवसर पर कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, महापौर संजू देवी राजपूत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, गोपाल मोदी एवं प्रफुल्ल तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वार्ड पार्षद और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लाइवलीहुड कॉलेज की छात्राओं ने भी सहभागिता की।
इंटरनेट के विस्तार के साथ बढ़ रहे साइबर अपराध
साइबर चौपाल में वक्ताओं ने कहा कि आज इंटरनेट गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच चुका है। लगभग हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल फोन है। डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
साइबर अपराध की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर दूसरे स्थान पर रहने वाले व्यक्ति को अपना निशाना बना सकते हैं। ऐसे मामलों में अपराधी की पहचान करना और उस तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सावधानी बेहद जरूरी है।
लालच और डर बनते हैं ठगी का माध्यम
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताते हुए कहा कि लालच और डर साइबर ठगी के प्रमुख माध्यम हैं। कई बार लोगों को फोन या संदेश के जरिए बताया जाता है कि उनका मोबाइल नंबर किसी इनाम के लिए चुना गया है या उन्होंने कोई पुरस्कार जीता है। अधिक लाभ पाने के लालच में लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं।
उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी के प्रति भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया से लोगों और उनके परिवारों से जुड़ी जानकारियां जुटाकर उन्हें डराने का प्रयास करते हैं। कई बार माता-पिता को फोन कर उनके बच्चों के किसी मामले में फंसने की झूठी जानकारी दी जाती है और उनसे पैसे की मांग की जाती है।
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताते हुए कहा कि लालच और डर साइबर ठगी के प्रमुख माध्यम हैं। कई बार लोगों को फोन या संदेश के जरिए बताया जाता है कि उनका मोबाइल नंबर किसी इनाम के लिए चुना गया है या उन्होंने कोई पुरस्कार जीता है। अधिक लाभ पाने के लालच में लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं।
उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी के प्रति भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया से लोगों और उनके परिवारों से जुड़ी जानकारियां जुटाकर उन्हें डराने का प्रयास करते हैं। कई बार माता-पिता को फोन कर उनके बच्चों के किसी मामले में फंसने की झूठी जानकारी दी जाती है और उनसे पैसे की मांग की जाती है।
आधुनिक दौर में बैंकिंग के साथ डिजिटल सुरक्षा भी जरूरी : मंत्री
कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि साइबर अपराध आज एक गंभीर चुनौती बन चुका है। पहले लोग अपनी जमा पूंजी घर की पेटियों या दीवारों में छिपाकर रखते थे, ताकि चोरी से बचाया जा सके। समय के साथ बैंकिंग व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बढ़ा और अब लोग अपनी छोटी-बड़ी जमा पूंजी बैंकों में सुरक्षित रखते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में डिजिटल सुविधाओं का उपयोग बढ़ा है। ऐसे में साइबर अपराधों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहना होगा। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए।
साइबर अपराध के साथ नशे पर रोकथाम भी जरूरी
महापौर संजू देवी राजपूत ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को सुरक्षित बनाने के लिए साइबर अपराधों के साथ-साथ नशे की समस्या पर भी रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से इन सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने और सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
इबर ठगी होने पर हेल्पलाइन पर करें संपर्क
कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए लोगों से अपील की गई कि वे अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी इनाम के संदेश और डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों से सावधान रहें। किसी भी परिस्थिति में अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी अनजान व्यक्ति को न दें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके साथ ही ऑनलाइन शिकायत के लिए भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in का उपयोग किया जा सकता है।
साइबर चौपाल के माध्यम से कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों, युवाओं और विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के तरीकों से परिचित कराना और सतर्कता के जरिए ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रेरित करना रहा।

