
कोरबा NOW HINDUSTAN संतान की सुख-समृद्धि व दीर्घायु की कामना का पर्व हलषष्ठी (कमरछठ) 5 सितंबर को श्रद्धा व उत्साह के साथ जिले में मनाया गया। इस अवसर पर माताओं ने संतान की लंबी आयु की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। सगरी बनाकर उसमें जल डालकर पूजा-अर्चना कर संतान की दीर्घायु की कामना की। दिनभर अलग-अलग स्थानों में पूजा-अर्चना की गई।
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अंचल सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी हलषष्ठी कमरछठ की धूम रही।
महिलाओं ने पूजा के लिए बनाई गई सगरी तालाब की परिक्रमा की और गीत गाए। इसके लिए शहर में कोसाबाड़ी, निहारिका, घंटाघर, पुरानी बस्ती, राताखार, कुसमुंडा क्षेत्र सहित शहर के अन्य वार्डों व ग्रामीण क्षेत्रों में सगरी बनाकर विशेष पूजाअर्चना की गई। सगरी में पसहर चावल व छह प्रकार की भाजी का भोग लगाया गया और इस प्रसाद को ग्रहण कर महिलाओं ने व्रत तोड़ा।
कमर छठ पर्व पर संतान की लंबी आयु के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है। सालों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। माना जाता हैं की संतान की दीर्घायु के लिए किया जाने वाला यह व्रत फलदायी है। शास्त्रों के अनुसार इस पूजा से संतान की आयु बढ़ती है। इसके अलावा संतान के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।


