
NOW HINDUSTAN कोरबा कोरोना वायरस के बाद चीन में फिर से एक रहस्यमयी बीमारी फैली हैं। इस रहस्यमयी बीमारी के कारण लोग दहशत में आ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बीमारी में बच्चे चपेट में आ रहे हैं जिन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। हालांकि छत्तीसगढ़ और कोरबा में इस रहस्यमयी बीमारी का कोई भी केस सामने नहीं आया है, लेकिन चीन में बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश जारी किए गए हैं। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य अमला भी सतर्क हो गया हैं।
जानकारी के अनुसार इस रहस्यमयी बीमारी से पीडि़त बच्चों के फेफड़ों में जलन, तेज बुखार और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए देश भर में एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ में भी बीमारी को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चीन में फैली महामारी को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिला स्वास्थ्य महकमा के पास भी दिशा-निर्देश पहुंच चुका है। सीएमएचओ को पहुंचे दिशा-निर्देश में रहस्यमयी बीमारी को लेकर तैयारी रखने कहा गया है, ताकि इस तरह के मामले सामने आने पर पीडि़त का तत्काल उपचार शुरू किया जा सके। साथ ही जारी की गई एडवाइजरी के अनुरूप मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक सावधानी बरतने कहा गया है।
* बेड, आक्सीजन व उपकरण की तैयारी
सीएमएचओ ने बताया कि चीन में फैली बीमारी को लेकर मिले दिशा-निर्देश के अनुरूप बेड, आक्सीजन व जरूरी उपकरणों की तैयारी रखने कहा गया हैं। इसके लिए अलग वार्ड की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरबा में इस तरह का कोई मामला नहीं है, लेकिन बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इसके बचाव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मातहत अधिकारी कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिले में बीमारी को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
* क्या है बीमारी के लक्षण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा हैं की चीन में फैल रही इस बीमारी के लक्षण निमोनिया जैसे ही हैं। ये बीमारी खासतौर पर बच्चों को अपना शिकार बना रही है। बच्चों को बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो रही है। कोरबा जिला सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केसरी ने बताया की मुख्यालय से आदेश प्राप्त हुआ है। जिसका पालन करते हुए अधिकारी/कर्मचारियों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। अस्पतालों में अतिरिक्त वार्ड सहित जरूरी संसाधन तैयार रखने निर्देश दिए गए हैं।
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