अब तक कोरबा पुलिस द्वारा 1844 व्यक्तियों की गयी जांच अंतर्गत 127ss रोल जारी किया गया है और 738 अन्य राज्य के मुसाफिरी किया गया दर्ज
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कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर व रविंद्र कुमार मीना के नेतृत्व में नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का, पुलिस अधीक्षक दर्री विमल पाठक, कटघोरा एसडीओपी पंकज ठाकुर के मार्गदर्शन में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना/चौकी क्षेत्र अंतर्गत कहा गया की जिले में अवैध/अनधिकृत रूप से प्रवासियों की संभावना हो सकती है। संस्कृतिक, जातीय, बोल-चाल, रहन-सहन में समानताएं होने के कारण कई बार ऐसे प्रवासियों पर ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे अवैध प्रवासियों नागरिक अधिकारों का उल्लंघन करने के साथ-साथ गंभीर सुरक्षा की चुनौतियां भी पैदा कर सकते हैं। ऐसे तत्वों के विरुद्ध कोरबा पुलिस अभियान चला रही है इसके साथ-साथ फेरी करने वाले, किराएदार, अटल आवास और संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच अभियान चलाया गया।
कोरबा पुलिस के द्वारा कोतवाली क्षेत्र में मोतीसागर पारा, अटल आवास राताखार, रामसागर पारा, पुरानी बस्ती, थाना सिविल लाइन क्षेत्र में कांशीनगर, थाना दर्री क्षेत्र में केनदईखार, अटल आवास लाटा, दर्री बस्ती, अयोध्यापुरी, थाना कटघोरा क्षेत्र में अटल आवास जेंजरा, खुडरीगढ, हनुमानगढ़ी पहाड़ पुलिस टीम के द्वारा अभियान चला कहा गया की ऐसे व्यक्तियों की सूची बनाकर थाने में विद्वत तरीके से दिया जाए और अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति होटल लॉज में रुका हो, उसकी जानकारी भी तुरंत नजदीकी थाने में दी जाए।
पुलिस टीम के द्वारा संदिग्धों और मुसाफिरों की जांच को लेकर क्षेत्र में घूम-घूम कर सामानों की फेरी करने वाले, सड़क किनारे जड़ी-बूटी, कपड़े, खिलौने बेचने वाले तथा गैस चूल्हा आदि रिपेयर करने वालों को पुलिस थाना में तलब कर उनके वास्तविक पते, वर्तमान गतिविधियों तथा मुसाफिरी दर्ज कराने की जानकारी ली गयी। कुछ फेरीवालों ने थाने में मुसाफिरी दर्ज नहीं कराये थे, उन्हें फटकार लगाकर उनका मुसाफिरी दर्ज किया गया। कोरबा पुलिस के द्वारा मुसाफिर चेक करते हुए अन्य राज्य से 738 अन्य जिले से 466 स्थानीय व्यक्ति 640 लोगों की जांच की गयी। संदिग्ध अजनबी (SS roll) के तहत 124, गिरफ्तारी वारंट 23, कोरबा पुलिस द्वारा कुल 1844 लोगों की जांच की गयी। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, उड़ीसा, वेस्ट बंगाल जैसे राज्यो को एवं 466 अन्य दीगर ज़िलों को शुची जारी कर उनके राज्य के नजदीकी थाने में संपर्क करके उनके बारे में जानकारी ली गयी।
थाना प्रभारियों द्वारा फेरीवालों को आपराधिक गतिविधियों से दूर रहकर सामान्य जीवन व्यतीत करने की समझाइश दी गई है और गलत काम धंधों में पाए जाने से कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
मकानों में रहने वाले मकान मालिकों/किराएदारों का सत्यापन किया गया और किराएदारों की सूची तैयार की गई। सत्यापन कार्य में लगे पुलिस के द्वारा किराएदारों के आईडी लेकर जांचे गए और उनके कामकाज की जानकारी ले उन्हें अवैधानिक गतिविधियों से दूर रहने की समझाइश दी। पुलिस की टीम के ने कहा की मकान मालिक की व्यक्तिगत जवाबदारी है कि वह थाने में किराएदार की सूचना दें। उन्होंने मकान मालिकों को हिदायत दी कि वे मकान किराये पर देने से पूर्व अनिवार्य रूप से किराएदार की पुलिस जांच कराये अगर कोई मकान मालिक नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है। कोरबा पुलिस ने अपील करी है कि सभी अपने किराएदार और नौकरों का संबंधित थाने में जाकर अनिवार्य रूप से वेरिफिकेशन अवश्य करावें।
इस संपूर्ण कार्यवाही का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर व यातायात एवं साइबर सेल प्रभारी रविंद्र कुमार मीना, नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का, पुलिस अधीक्षक दर्री विमल पाठक, कटघोरा एसडीओपी पंकज ठाकुर एवं थाना चौकी से 156 अधिकारी कर्मचारियों ने इस अभियान में अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

