वेदांता का बड़ा कॉर्पोरेट कदम: बीएसई-एनएसई पर एक साथ सूचीबद्ध हुईं चार नई कंपनियां……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
4 Min Read

NOW HINDUSTAN. Korba. भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक नया अध्याय जुड़ गया है। वेदांता समूह ने अपनी डिमर्जर प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए चार स्वतंत्र कंपनियों—वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर—को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध कर दिया है। इसे भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास की सबसे बड़ी सेक्टर-केंद्रित लिस्टिंग में से एक माना जा रहा है। समूह का कहना है कि इस रणनीतिक पुनर्गठन का उद्देश्य व्यवसायों को अधिक फोकस, स्वतंत्र विकास अवसर और निवेशकों के लिए बेहतर मूल्य सृजन उपलब्ध कराना है। नई सूचीबद्ध कंपनियां अब अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ाएंगी, जबकि वेदांता लिमिटेड क्रिटिकल मिनरल्स और प्राकृतिक संसाधन व्यवसायों की प्रमुख इकाई के रूप में कार्य करती रहेगी। लिस्टिंग अवसर पर वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इसे कंपनी की विकास यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताते हुए कहा कि डिमर्जर के माध्यम से तैयार हुई नई कंपनियां भारत की औद्योगिक, ऊर्जा और विनिर्माण आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा संक्रमण और उन्नत विनिर्माण के दौर में खनिज, धातु और ऊर्जा संसाधनों की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिसे पूरा करने में ये कंपनियां अहम योगदान देंगी।

- Advertisement -

एल्युमिनियम कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार– वेदांता एल्युमिनियम भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक के रूप में अपनी स्वतंत्र पहचान के साथ बाजार में उतरा है। कंपनी की योजना आगामी वर्षों में उत्पादन क्षमता को दोगुना कर 60 लाख टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने की है, जिससे वह वैश्विक स्तर पर अग्रणी एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हो सके।

ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा फोकस– वेदांता ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी के रूप में कार्य करेगी। कंपनी अगले कुछ वर्षों में अरबों डॉलर का निवेश कर उत्पादन बढ़ाने और देश की आयात निर्भरता कम करने की दिशा में काम करेगी।

स्टील क्षेत्र में विस्तार की तैयारी– वेदांता आयरन एंड स्टील ने वर्तमान उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और विशेष श्रेणी के स्टील उत्पादों पर विशेष ध्यान देगी।

बिजली उत्पादन में बड़ा विस्तार लक्ष्य– वेदांता पावर वर्तमान 4.2 गीगावाट क्षमता से आगे बढ़ते हुए 20 गीगावाट उत्पादन क्षमता तक पहुंचने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का मानना है कि भारत की बढ़ती औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने में बेसलोड पावर की भूमिका भविष्य में भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

क्रिटिकल मिनरल्स पर रहेगा वेदांता लिमिटेड का फोकसडिमर्जर के बाद वेदांता लिमिटेड जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल और अन्य रणनीतिक खनिजों के कारोबार पर केंद्रित रहेगी। कंपनी भारत की आत्मनिर्भरता और क्रिटिकल मिनरल्स सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अपनी भूमिका और विस्तार करने की तैयारी में है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिमर्जर और नई लिस्टिंग वेदांता समूह के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के खनन, धातु, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए भी दीर्घकालिक विकास के नए अवसर लेकर आएगी।

Share this Article