NOW HINDUSTAN. Bihsr News-राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजापाकर में बिहार बोर्ड की 9वीं एवं 11वीं की परीक्षा के पहले ही दिन 75% उपस्थित को ले शिक्षक छात्र-छात्राओं के बीच विवाद हो गया ।विद्यालय प्रशासन द्वारा लगभग 300 छात्र-छात्राओं को कम उपस्थिति का हवाला देकर परीक्षा देने से रोक दिया गया. आरोप है कि इसके समाधान के नाम पर प्रधानाध्यापक ने छात्रों को पास की एक निजी दुकान से 250 रुपये का शपथ पत्र बनवाकर लाने का निर्देश दिया. जिसके बाद ही उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश मिला. परीक्षा शुरू होने से पहले जब छात्रों को रोका गया तो अफरा-तफरी मच गई. छात्रों के अनुसार. प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने स्पष्ट कहा कि जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है वे बगल की ‘नेहा टेलीकॉम’ नामक दुकान पर जाएं और वहां से 250 रुपये देकर रसीद लेकर आएं. जिन बच्चों के पास पैसे थे, वे भागकर दुकान पहुंचे. उन्हें दुकानदार की मुहर लगी एक रसीद दी गई. जिस पर छात्र का विवरण तो था लेकिन राशि का कोई उल्लेख नहीं था.
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जिन छात्रों के पास मौके पर पैसे नहीं थे उन्होंने घर जाकर परिजनों को इसकी जानकारी दी. गुस्साए अभिभावक जब स्कूल पहुंचे. तो उन्हें भी वही दलील दी गई. कई छात्र-छात्राओं अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग के नियमों की आड़ में यह सीधे तौर पर उगाही है. सवाल यह है कि अगर उपस्थिति कम थी तो स्कूल प्रशासन ने पहले सूचना क्यों नहीं दी? और क्या किसी निजी दुकान की रसीद सरकारी नियमों के ऊपर हो सकती है.
विभाग ने 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की है लेकिन उसके बदले इस तरह शपथ पत्र के नाम पर वसूली का कोई प्रावधान नहीं है. बिना किसी सरकारी रसीद के निजी दुकान पर पैसे जमा करवाना विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. इस संबंध में प्रधानाध्यापक विजय कुमार से पूछे जाने पर के शिक्षा विभाग के ऊपर से शपथ पत्र लेने का कोई आदेश है तो उन्होंने कहा कि कोई आदेश नहीं है. मैं बच्चों की उपस्थिति 75% अनिवार्य रूप से करने के लिए शपथ पत्र लिया है. ताकि भविष्य में उनकी उपस्थिति 75% अनिवार्य रहे .उसके बाद भी वे विद्यालय नहीं आते हैं तो उनको फॉर्म भरने से रोक दिया जाएगा या उनका नाम काट दिया जाएगा. कई छात्रों के हाथों में बगल के नेहा टेलीकॉम दुकान की 250 रू की रसीद देखी गई. जिन्हें देने पर विद्यालय से एडमिट कार्ड दिया गया जो की सरकारी नियम के विरूध है. प्रधानाध्यापक को विभाग के उच्च पदाधिकारी से शपथ पत्र लेने के संबंध में दिशा निर्देश लेना चाहिए था. लेकिन उन्होंने नहीं लिया इस पर विद्यालय के छात्र छात्राओं अभिभावको ने करा आक्रोश व्यक्त किया है.
संवाददाता राजेन्द्र कुमार

