कोरबा के ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल को नोटिस जारी। दो दिनों में सीबीएसई से संबंधित सभी मान्यता दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल से जुड़ा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। बिलासपुर शाखा में पांचवीं और छठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर किए जाने के मामले की जांच अब कोरबा शाखा तक भी पहुंच गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कोरबा ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर 2 दिनों के भीतर सीबीएसई से संबंधित सभी मान्यता दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बिलासपुर स्थित ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों ने जिलाधीश से शिकायत की थी कि स्कूल प्रबंधन ने सीबीएसई मान्यता प्राप्त होने का दावा कर बच्चों का प्रवेश लिया था और उसी आधार पर पढ़ाई व परीक्षा भी आयोजित की गई। हालांकि, अब अचानक छात्रों को छत्तीसगढ़ बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुसार दोबारा परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है, जिससे अभिभावकों में आक्रोश है।

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अभिभावकों का कहना है कि बच्चों ने पूरे सत्र में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई की है। ऐसे में अब उन्हें राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रम के तहत परीक्षा देने के लिए बाध्य करना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। इस गंभीर मामले को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद कोरबा स्थित ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। वे स्कूल की मान्यता और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर आशंकित हैं।

उल्लेखनीय है कि ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल कोरबा पहले भी विभिन्न विवादों में घिरा रहा है। स्कूल संचालक पर समय-समय पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। यहां तक कि स्कूल भवन के लिए उपयोग की गई जमीन के दस्तावेजों में कथित हेरफेर का आरोप उनके ही परिजनों द्वारा लगाया गया था, जो मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। हालांकि, हाल के समय में इस मामले में कोई खास गतिविधि सामने नहीं आई है।

जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर 2 दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एसके शुक्ला ने बताया कि आज ही हमने सारे दस्तावेज जिला शिक्षा अधिकारी के यहां जमा कर दिए है और सभी अभिभावकों के वॉट्सएप पर भी मेसेज भेज कर सूचित कर दिया गया है।

एक बात तो साफ है कि कई निजी स्कूल अपने रसूख का फायदा उठाकर स्कूल तो खोल लेते हैं वही माता पिता भी बच्चों के एडमिशन के समय स्कूल की पूरी जानकारी नहीं लेते हैं। बस नाम के पीछे भागते है ।

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