NOW HINDUSTAN. Bihar News-कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली में डॉक्टर अनिल कुमार सिंह वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान के दिशा निर्देश । केला प्रसंस्करण विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक कृषि अभियंत्रण कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी कुमारी नम्रता के द्वारा सफलतापूर्वक समापन किया गया. यह प्रशिक्षण 16 मार्च से 20 मार्च तक आयोजन किया गया .इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षनार्थियों के द्वारा केला से मुल्य संबंधित उत्पाद जैसे केला का चिप्स, केला का अंजीर ,केला का पाउडर एवं आटा से मूल संबंधित उत्पाद जैसे रसगुल्ला गुलाब जामुन, पेरा , लड्डू एवं कच्चे केले से अचार इत्यादि तैयार किया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी दी जाती है. जिससे हमारे ग्रामीण युवक एवं युवतियां प्रशिक्षण के उपरांत अपना स्वरोजगार स्थापित कर सके. प्रशिक्षण के दौरान हमारे वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान के द्वारा प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा तैयार किए गए उत्पाद का मूल्यांकन किया एवं उनको आगे इस क्षेत्र में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया. डॉ जोन देखो वैज्ञानिक उद्यान के द्वारा अवगत कराया गया कि केला के बाग का प्रबंध एवं खाद्य उपरांत क्षति को बचाने के लिए केला प्रसंस्करण बेहतर विकल्प है. डॉक्टर कविता वर्मा वैज्ञानिक गृह विज्ञान ने अवगत कराया की केला पोषक तत्व से भरपूर है. जिसमें पोटैशियम की मात्रा अत्यधिक होती है जो केले में प्रचुर मात्रा में मौजूद पोटैशियम मानव शरीर के लिए एक आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट है. यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने, हृदय की नियमित धड़कन बनाए रखने, मांसपेशियों के संकुचन में सुधार करने और तंत्रिका कोशिकाओं के काम को सुचारू बनाने में अहम भूमिका है
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. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैशाली जिला के लगभग सभी प्रखंड से प्रशिक्षनाथ थी उपस्थित थे. इस कार्यक्रम के समापन के दिन हमारे उद्यमी डॉ अरुण कुमार एवं अनु कुमारी उपस्थित थी. जिन्होंने केला के उद्यम स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया और इसे पैकेजिंग कर ब्रांडिंग प्रकाश डाला . इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारे केंद्र के कर्मचारी ऋचा श्रीवास्तव, रवि कुमार, रमाकांत ,सोनू, रवि, रंजन मोहित एवं दीपक का योगदान रहा.
संवाददाता राजेन्द्र कुमार

