बिजली बिल, बस किराया, डीजल-पेट्रोल महंगाई और स्कूलों में धार्मिक आदेश वापस लो – CPI का कलेक्टर को ज्ञापन……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा: आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जिला कोरबा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राज्य सरकार द्वारा जनविरोधी नीतियों के तहत आम जनता पर एक साथ कई बोझ डाल दिए गए हैं।
एक ओर बिजली दरों में 30-50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी गई, तो दूसरी ओर बस किराया में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी गई है। छत्तीसगढ़ में रायपुर से बस्तर, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं अन्य जिलों तक आवागमन का प्रमुख साधन बस सेवा ही है। ऐसे में किराया बढ़ाना किसान, मजदूर, छात्र, मरीज, छोटे व्यापारी एवं आम जनता की कमर तोड़ने के समान है। पहले से खाद्यान्न, खाद, तेल एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं।

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केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी महंगाई ने जनता की रीढ़ तोड़ दी है। 2014 में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 105-108 डॉलर/बैरल था, तब पेट्रोल ₹71 और डीजल ₹55 प्रति लीटर था। आज जून 2026 में कच्चा तेल घटकर 75-80 डॉलर/बैरल है, किंतु पेट्रोल ₹102-111 और डीजल ₹97-104 प्रति लीटर बिक रहा है। इससे स्पष्ट है कि मूल्यवृद्धि अंतरराष्ट्रीय कारणों से नहीं, बल्कि सरकार की भारी कर वसूली एवं कॉरपोरेट परस्त नीतियों का परिणाम है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में ही IOC ने ₹14,458 करोड़, HPCL ने ₹4,902 करोड़ तथा BPCL ने ₹3,191 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। एक ओर जनता महंगाई से त्रस्त है, दूसरी ओर सरकारी तेल कंपनियां अभूतपूर्व मुनाफा कमा रही हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के 12-06-2026 के आदेश द्वारा शासकीय विद्यालयों में विशिष्ट धार्मिक मंत्रों को दैनिक गतिविधि में शामिल किया गया है। भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता, समानता एवं समावेश का पक्षधर है। सरकारी विद्यालय सभी धर्म-समुदाय के बच्चों के हैं। अतः विद्यालयों में संविधान सम्मत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवता एवं राष्ट्रीय एकता पर आधारित गतिविधियां ही संचालित की जाएं।

*अतः भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जिला कोरबा मांग करती है कि:*
1. बिजली बिल में की गई 30-50 पैसे/यूनिट की बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए।
2. बस किराया में की गई वृद्धि समाप्त की जाए।
3. डीजल-पेट्रोल एवं आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी कीमतों को कम किया जाए।
4. शासकीय विद्यालयों में संविधान, समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं समावेशी शिक्षा सुनिश्चित की जाए।

यदि जनहित में शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी व्यापक जन आंदोलन करने को बाध्य होगी, ज्ञापन सौंपते समय जिला सचिव का. पवन कुमार वर्मा, जिला परिषद सदस्य का. राम मूर्ति दुबे, का.श्याम बिहारी बनाफर ,का.विजयलक्ष्मी चौहान, का.रामू केवट,का. नरेंद्र कुमार उपस्थित रहे।

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