दादरखुर्द की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग……..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN.  कोरबा। दादर खुर्द में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जे कर बिक्री का खेल लगातार जारी है कई बार शासन ने यहां अवैध कब्जे को खाली कराया लेकिन अवैध कब्जे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं एक बार फिर ग्राम दादरखुर्द के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासकीय भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों से बचाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम दादरखुर्द, पटवारी हल्का नंबर 21, राजस्व निरीक्षक मंडल दादरखुर्द, तहसील एवं जिला कोरबा स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 1675 तथा उससे लगी अन्य सरकारी जमीनों पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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ग्रामीणों के अनुसार संबंधित भूमि पर जेसीबी मशीन से खुदाई कर पक्का गेट बनाया जा रहा है तथा कुछ हिस्सों में मकान और बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्य बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

लगभग 1.35 एकड़ शासकीय भूमि ग्राम के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर भूमि का सीमांकन करें और उसे अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित करें। उनका कहना है कि इस भूमि का उपयोग भविष्य में स्कूल, आंगनबाड़ी, सामुदायिक भवन, बाजार, वृद्धाश्रम अथवा गार्डन जैसी जनहित की सुविधाओं के निर्माण के लिए किया जा सकता है।

 

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उक्त भूमि मुख्य मार्ग से लगी हुई बेशकीमती जमीन है, जिसके कारण जमीन दलालों और कुछ अन्य लोगों की नजर इस पर है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भूमि पर स्थायी कब्जा हो सकता है, जिससे विवाद और न्यायालयीन प्रकरण बढ़ने की आशंका है।

ग्रामीणों का कहना है की भू माफियों द्वारा भूमि पर अवैध रूप से कई जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व निरीक्षक और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजकर भूमि का सीमांकन कराया जाए तथा शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में ग्रामवासियों के विकास और निस्तारी कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जा सके।

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