जिले में इमाम हुसैन की याद में निकले ताजिया जुलूस-सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जगह-जगह लंगर और राहगीरों को पिलाया गया शरबत…….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN.  कोरबा जिले में भी इस्लामिक हिजरी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम मनाया गया। यह पैगंबर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला के मैदान में दी गई शहादत की याद में शोक, मातम और बलिदान के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
इस्लाम के चार पवित्र महीनों में से एक मुहर्रम के पहले 10 दिन विशेष महत्व रखते हैं। इन दिनों में मुस्लिम समुदाय इमाम हुसैन और उनके साथियों के आदर्शों को याद करते हुए मातम और मजलिस का आयोजन करता है। 10वें दिन को ‘आशूरा’ कहा जाता है, जब कर्बला की घटना को याद कर श्रद्धालु शोक मनाते हैं।
कोरबा शहर में भी मुहर्रम का माहौल भावुक रहा। धनवारपारा, कुचेना, बुधवारी और मुड़ापार सहित विभिन्न क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले गए। अकीदतमंद हाथों में झंडे, अलम और ताजिया लिए ‘या हुसैन’ के नारे लगाते हुए चल रहे थे।

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इमाम हुसैन की याद में  जगह-जगह लंगर और शरबत का वितरण किया गया। इमाम हुसैन की याद में राहगीरों को शरबत पिलाया गया और भोजन परोसा गया। इंदिरा नगर दुरपा रोड क्षेत्र में पिछले 40 वर्षों से लगातार लंगर बांटने की परंपरा इस बार भी निभाई गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
कोरबा शहर का पुराना बस स्टैंड मुहर्रम का मुख्य केंद्र बना। यहां सभी मोहल्लों से आए ताजिया जुलूस एकत्रित हुए। श्रद्धालुओं ने फातेहा पढ़ी, दरूद सलाम भेजे और कर्बला की शहादत को याद कर शोक व्यक्त किया। इस अवसर पर पूरे शहर से जुटे लोगों ने एकजुट होकर अमन-भाईचारे का संदेश दिया।

संवेदनशील चौक-चौराहों पर बढ़ाई गई पुलिस तैनाती

इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दिनभर पुलिस बल शहर में गश्त करता रहा। संवेदनशील चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। बस स्टैंड पर सभी जुलूसों के एकत्रित होने पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और ट्रैफिक को डायवर्ट कर आम लोगों को असुविधा से बचाया।
मुहर्रम का संदेश केवल शोक तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने और इंसानियत की मिसाल कायम करने का भी है। कोरबा में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को शरबत पिलाकर और लंगर में शामिल होकर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।

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