NOW HINDUSTAN. कोरबा पूर्व। CSEB कॉलोनी में NC क्वार्टर साइड के पास विशाल सरई और नीलगिरी का पेड़ सड़क पर गिरने से अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में कई पेड़ पहले से ही खतरनाक स्थिति में हैं और इसकी शिकायत संबंधित विभाग से कई बार की जा चुकी है, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, खतरनाक पेड़ों को लेकर सर्वे भी कराया गया था। इसके बावजूद पेड़ों की कटाई या छंटाई का काम शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। रहवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान पेड़ गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में समय रहते पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाना जरूरी था।
‘हादसे के बाद ही जागेगा विभाग?’
वार्ड पार्षद राकेश वर्मा ने सिविल विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके द्वारा कई बार खतरनाक पेड़ों का मुद्दा उठाया गया है। सर्वे और शिकायतों के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद ने कहा कि अधिकारियों को एसी कमरों से बाहर निकलकर मौके की वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी बच्चे, महिला या बुजुर्ग के साथ पेड़ गिरने से गंभीर हादसा हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
फंड मिलने के बाद भी काम नही
पार्षद और स्थानीय रहवासियों ने दावा किया कि सर्वे तथा संबंधित कार्यों के लिए राशि उपलब्ध होने के बावजूद खतरनाक पेड़ों को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। रहवासियों ने पूरे मामले में कार्य और फंड के उपयोग की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि CSEB कॉलोनी में खतरनाक पेड़ों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और जरूरत के अनुसार उनकी कटाई या छंटाई की जाए। साथ ही पूरे क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर मानसून के दौरान संभावित हादसों को रोका जाए। लोगों ने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
रहवासियों का कहना है कि सड़क पर पेड़ गिरने की घटना चेतावनी है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल अब सिर्फ एक पेड़ के गिरने का नहीं, बल्कि कॉलोनीवासियों की सुरक्षा का है।

