NOW HINDUSTAN. कोरबा। वनांचल क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उनके साथ खुशियां साझा करने की पहल के तहत मास्टरमाइंड टीम ने एक बार फिर सराहनीय कार्य किया। टीम के सदस्यों ने कोरबा से करीब 45 किलोमीटर दूर लेमरू क्षेत्र के अरेतरा गांव पहुंचकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से मुलाकात की। इस दौरान महिलाओं को नई साड़ियां, बच्चों को नए कपड़े तथा किताब-कॉपी, पेन और अन्य शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया।
दूरस्थ वनांचल गांव में मास्टरमाइंड टीम के पहुंचने पर ग्रामीणों के चेहरे पर अलग ही खुशी देखने को मिली। लंबे समय बाद अपने बीच बाहरी लोगों को आत्मीयता के साथ देखकर ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक टीम का स्वागत किया। टीम के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, स्कूल जाने की स्थिति और रोजमर्रा की दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। वहीं महिलाओं और बुजुर्गों से भी उनके जीवन, रहन-सहन और गांव की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई।

मास्टरमाइंड टीम के सदस्यों ने कहा कि जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही इस पहल का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि यह कार्य दानदाताओं और सहयोग करने वाले लोगों के समर्थन से संभव हो पा रहा है। जब दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचती है और उनके चेहरे पर खुशी दिखाई देती है, तो इससे टीम के सदस्यों को भी आत्मीय संतुष्टि मिलती है।
टीम ने बताया कि अरेतरा जैसे वनांचल क्षेत्रों में लोगों का जीवन आज भी प्रकृति के बेहद करीब है। जंगलों के बीच सीमित संसाधनों में ग्रामीण सादगी और आत्मनिर्भरता के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यहां पहुंचने के दौरान टीम ने ग्रामीणों के रहन-सहन को करीब से देखा और उनकी दिनचर्या को समझने का प्रयास किया।
खास बात यह रही कि जिस इलाके में मोबाइल नेटवर्क तक आसानी से नहीं पहुंचता, वहां मास्टरमाइंड टीम के सदस्य जरूरतमंदों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय कर पहुंचे। टीम का कहना है कि सेवा का दायरा केवल शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन गांवों और परिवारों तक भी पहुंचना जरूरी है, जहां सुविधाओं की पहुंच सीमित है।
इस दौरान बच्चों में नई किताब-कॉपी और कपड़े मिलने को लेकर खासा उत्साह नजर आया। महिलाओं ने भी साड़ी मिलने पर खुशी जताई। टीम ने भविष्य में भी ऐसे वनांचल क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंदों के साथ समय बिताने और उनकी आवश्यकताओं को समझकर सहयोग करने की बात कही।

