अमृत सरोवर मिशन के करोड़ो रूपये का बंदर बांट, उच्च स्तरीय जांच हो :- बद्री अग्रवाल…

Rajesh Kumar Mishra
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कोरबा NOW HINDUSTAN  जिले में भ्रष्टाचार का बांध देखना है तो कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है यह नजारा आप ग्राम सोलवा में देख सकते हैं जहां अफसर और ठेकेदार ने 65 लाख की लागत से जलाशय का निर्माण कराया था यह जलाशय निर्माण कार्य पूर्ण होने के महज डेढ़ माह बाद 48 घंटे हुई बारिश से धराशाई हो गया। पानी के तेज बहाव में निकासी के लिए बनाया गया नहर पूरी तरह टूटकर छतिग्रस्त हो गयी वही बंड से जगह जगह मिट्टी बह गई है जिसे बचाने तिरपाल का सहारा लिया जा रहा है।

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भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बद्री अग्रवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल स्रोतों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए अमृत सरोवर योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जलाशय निर्माण सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं कोरबा वन मंडल के वन परीक्षेत्र पसर खेत अंतर्गत ग्राम सोलवा में भी अमृत सरोवर योजना के नरवा विकास योजना अंतर्गत कैंपा मद से 65 लाख की स्वीकृति जलाशय निर्माण हेतु प्रदान की गई थी। वर्ष 2021-22 मई में स्वीकृत निर्माण कार्य को फरवरी 2023 में एक ठेकेदार के माध्यम से शुरू कराया गया ठेकेदार ने यह काम मई 2023 में पूर्ण कर लिया। इस निर्माण कार्य में जमकर बंदरबांट किया गया जिसकी पोल उस वक्त खुल गई जब लंबे इंतजार के बाद मंगलवार की रात से जिले में बारिश होने लगी। 48 घंटे तक रुक रुक कर हो रही बारिश के कारण नदी नाले पूरी तरह से उफान पर आ गए। जिसमें ग्राम सोलवा का फूल सरिया नाले में बनाया गयश जलाशय भी शामिल था इस जलाशय में जलभराव को पानी निकासी के लिए बनाया गया नाहर नहीं सह सका और पानी के तेज बहाव में नहर का पूरा स्ट्रक्चर ही बह गया। इधर जलाशय में काफी ऊंचाई तक मिट्टी डालकर बंड तैयार किया गया था जिसमें जगह-जगह दरारे आ गई। कई स्थानों पर बंड पूरी तरह मिट्टी धसान के कारण कमजोर हो गया।

जैसे ही जलाशय के ध्वस्त होने की खबर मिली अफसरों के होश उड़ गए। उन्होंने ठेकेदार के माध्यम से बंड को बचाने का प्रयास शुरू किया, इसके लिए बंड के उन स्थानों पर तिरपाल और रेत से भरी बोरियां रखी गई जहां मिट्टी धसान के कारण बंड पूरी तरह से कमजोर हो गया हैं। खास बात तो यह है कि वन अफसर अपनी करतूत को छिपाने पूरे दिन जुटे रहे आखिरकार ठेकेदार से मिलीभगत कर निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की पोल लगातार हुई बारिश ने खोल कर रख दी।

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