
कोरबा NOW HINDUSTAN केंद्र सरकार की मजदूर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी अक्टूबर माह से पूरे देश में मजदूर किसान संयुक्त रूप से आंदोलन छेड़ेगी। उक्ताशाय की जानकारी राजमिस्त्री मजदूर रेजा कुली एकता यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष जिला अध्यक्ष सपूरन कुलदीप ने आज एक प्रेस ज्ञापन जारी कर दी।
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श्री कुलदीप ने बताया कि विगत 24 अगस्त की दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 10 ट्रेड यूनियनों व संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त कनवेंशन में यह निर्णय लिया गया है।इस कनवेंशन में देश भर से सात हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया उन्होंने उक्त कनवेंशन में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा की आगामी 26 नवंबर को देश के सभी राजभवन के सामने दिन रात मजदूर किसानो का महापड़ाव होगा। आगामी दिसंबर व जनवरी माह में देशभर में दो माह व्यापी केंद्र सरकार की मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के विरोध में विरोध करवाहिया आयोजित की जाएगी।
मजदूर नेता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने के वादा कर सत्ता पर आसीन हुए यह भाजपा की सरकार अब नए रोजगार के बदले पुराने रोजगार को ही समाप्त कर रही है।देश के सार्वजनिक उद्योग जो सबसे अधिक रोजगार पैदा करती है उन उद्योगो को कॉरपोरेट के हवाले कर रही है।कार्पोरेट घराने के मुनाफा को अधिक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रम कानूनों को समाप्त करने पर आमादा है।सामाजिक सुरक्षा में कटौती के कारण ही श्रमिको के पेंशन पर हमला हो रहा है। कार्पोरेट घरानो की मुनाफा की रक्षा करने के लिए देश में सांप्रदायिक वातावरण निर्मित कर मेहनतकश जनता को विभाजित करने की साजिश किया जा रहा है।
श्रमिक नेता ने केंद्र सरकार की इन मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ समाज के सभी देशप्रेमिक,लोकतांत्रिक संगठनों व जनता से सरकार की इन नीतियों के खिलाफ विरोध करवाहियों में शामिल होने का आह्वान किया है।


