
कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद ने कहा कि अध्यापन कराना भी एक कला है। सभी शिक्षक शाला में छात्र छात्राओं को समर्पण भाव के साथ पढ़ाएं ताकि परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके। जो विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित है उनके पालक से संपर्क कर उन्हें नियमित शाला भेजने हेतु प्रेरित करें। प्रत्येक विषय हेतु 65 विभिन्न विषय शिक्षकों की कोर कमेटी का गठन किया गया है। जो मासिक, तिमाही, अर्द्धवार्षिक एवं प्री बोर्ड पर सतत कार्य करते रहेंगे। प्रश्नबैंक निर्माण करते समय वैकल्पिक, लघुत्तरीय,अति लघुत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न का समावेश हो। शिक्षक भयमुक्त वातावरण का निर्माण कर अध्यापन करावे ताकि परीक्षा परिणाम अच्छा हो सके। डीएमसी श्री के.एस नायक ने कहा कि प्रश्नबैंक का निर्माण करते समय इस बात पर ध्यान दिया जावे कि सभी छात्रों के लिए उपयोगी हो एवं कमजोर बच्चे भी आसानी से समझ सके। एपीसी श्री मनोज केला ने कहा कि सभी नोडल एवं उनके सहयोगी शिक्षक एक निर्धारित समय में प्रश्नबैंक का निर्माण करते समय शब्दों, वाक्यों एवं मात्राओं की त्रुटि को सुधारकर उन्हें समग्र शिक्षा कार्यालय गरियाबंद अनिवार्य रूप से जमा करें। इस अवसर पर विभिन्न विषयों के नोडल शिक्षक सहित गरियाबंद जिले के कोर कमेटी के विषय शिक्षक उपस्थित थे।
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