एसईसीएल- एरिया जीएम दफ्तर के सभाकक्ष में घंटेभर चली बैठक में बनी सहमति,संगठन ने माइंस प्रभावित गांवों के युवाओं की सौंपी सूची……

Rajesh Kumar Mishra
3 Min Read
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.14 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.13 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.12
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.12 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.13
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.12 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.13 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.14 (1)

NOW HINDUSTAN  ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति संगठन ने एसईसीएल गेवरा खदान का गुरुवार को कोयला उत्पादन व परिवहन बाधित करने की तैयारी थी मगर ऐन वक्त पर आंदोलन से ठीक पहले एरिया प्रबंधन ने आंदोलनकारियों को चर्चा के लिए बुला लिया एरिया जीएम एसके मोहंती की उपस्थिति में बैठक हुई घंटेभर चली बैठक में खदान के नियोजित कंपनियों में माइंस प्रभावित गांवों के युवाओं को काम पर रखने मांग की इस पर प्रबंधन की ओर से 5 दिनों की मोहलत मांगी गई तो युवाओं की सूची सौंपने के बाद आंदोलन कुछ दिन के लिए स्थगित करने पर भूविस्थापित राजी हो गए ।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.09 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.11
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.09
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.11 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.11 (1)

एसईसीएल गेवरा खदान में कोयला उत्पादन व परिवहन ठप करने की चेतावनी दी थी ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले माइंस प्रभावित गांवों के बेरोजगार युवाओं द्वारा आंदोलन किया जाना था एसईसीएल एरिया प्रबंधन ने भूविस्थापितों को चर्चा के लिए बुलाया इस पर सभी एरिया जीएम दफ्तर के सभाकक्ष पहुंचे जहां पर बैठक हुई घंटेभर की बातचीत में नियोजित कंपनियों में युवाओं को काम पर रखने की मांग को प्रमुखता से रखा समिति के रुद्र दास महंत ललित महिलांगे संतोष चौहान प्रकाश कोर्राम संतोष दास महंत ने बताया कि प्रबंधन के साथ भूविस्थापितों की सकारात्मक चर्चा हुई है 5 दिनों का समय मांगे जाने पर भी भूविस्थापितों ने सहमति जता दी इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है माइंस प्रभावित गांवों के युवाओं की सूची प्रबंधन को सौंप दी गई है उन्होंने आगे कहा कि इस समय अवधि पर प्रबंधन सार्थक पहल नहीं कर पाती है तो फिर से गेवरा के कोयला खदान में उतरेंगे ।

*विस्तार से आउटसोर्सिंग कंपनियों के काम का दायरा बढ़ेगा*

गेवरा खदान के विस्तार से आउटसोर्सिंग कंपनियों के काम का दायरा बढ़ेगा कोल इंडिया की 2012 की पॉलिसी से भू-अर्जन किया जाता है ऐसे में छोटे खातेदार एसईसीएल में रोजगार पाने से वंचित हो जाते हैं यही भूविस्थापित आगे नियोजित कंपनियों में रोजगार पाने संघर्ष शुरू कर देते हैं क्योंकि विस्तार से आउटसोर्सिंग कंपनियों के काम का दायरा बढ़ना तय है ऐसे में एक बार फिर नियोजित कंपनियों में माइंस प्रभावित गांवों के युवाओं को काम पर रखने की मांग को लेकर आवाज बुलंद हो गई है ।

चर्चा में रामाधार यादव नरेंद्र कुमार देवेंद्र कुमार गुरुदत्त मेश्राम विनोद चौहान समारु दास रविदास दीपक दास अर्जुन दास राजन सिंह अशोक कुमार शंभू बेहरा ईश्वर सिंह देवनारायण साहू शैलेंद्र सिंह महावीर साहू नरेंद्र मानिकपुरी अश्वनी कुमार तिरिथराम फूलेन्द्र सिंह हरिहर साहू मोहनलाल यादव भरत लाल यादव नंदकुमार फुल दास प्यारेलाल प्रीतम दास प्रियांशु सोनी तिलक कुमार प्रमोद कुमार कश्यप रवि चंद्रा अमर दास जीवराखन यादव सहित अनेक भूविस्थापित बेरोजगार उपस्थित रहे ।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.09 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.08
Share This Article