
NOW HINDUSTAN कोरबा जिले के रामचंद्रपुर वन परीक्षेत्र के ग्राम सिलाजु में दल से बिछड़े हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथी ने लोगों के घरों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। इससे इलाके के लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी हाथियों को गांवों से दूर रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
झारखंड प्रदेश से करीब दो महीने पहले 14 हाथियों का दल कनहर नदी पार कर रामचंद्रपुर इलाके में विचरण कर रहा था। इस दल से एक हाथी बिछड़ गया। दल से बिछड़ने के बाद से ही हाथी आक्रमक हो गया है और भोजन की तलाश में इधर-उधर भटक रहा है।वह हाथी जंगल से निकलकर ग्राम सिलाजु के बैगा पारा पहुंचा। यहां भोजन की तलाश में प्रदीप प्रजापति पिता रमेश प्रजापति, सुरेंद्र साव पिता रामनाथ साव, कुबई प्रजापति पिता लक्ष्मण प्रजापति व पटवारी सिंह पिता लगन सिंह के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया।
राहत की बात यह रही की हाथी के आवाज सुनकर घर में सो रहे लोग वहां से भाग निकले। इसके बाद हाथी ने घर को नुकसान पहुंचाया। साथ ही खेत में लगे फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। हाथी के पैर के निशान भी खेत में दबे हुए मिले।
वन परीक्षेत्र रामचंद्रपुर के ग्राम उचरुआ, विशुनपुर, अवदी और डोगवाघाट के साथ आसपास के करीब 6 से अधिक गांवों में लोग हाथी की दहशत से परेशान है। वन विभाग के अधिकारी भी हाथी की निगरानी कर रहे हैं। हाथी दिन के समय जंगल में तो रात को बस्तियों में आ कर लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस कारण इलाके में रात को हर घर का एक सदस्य रतजगा कर पहरा दे रहा है। इसके अलावा भी महिलाएं गांव के बीच में किसी एक घरों में एक साथ हाथी के डर से सोने को मजबूर है। सर्दी के मौसम के कारण लोगों को हाथी की वजह से समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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