मुआवजा, बसाहट ,रोजगार सहित पांच सूत्रीय मांग पर अमगांव के ग्रामीणों के द्वारा 9वें दिन भी आंदोलन रहा जारी …..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN  korba ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले अमगांव पंचायत के आश्रित मोहल्ले जोकाही डबरीपारा दर्राखांचा के ग्रामीणों के द्वारा 16 जनवरी से मेगा प्रोजेक्ट एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में खदान फेस पर अपनी मुआवजा बसाहट रोजगार सहित पांच सूत्रीय मांग को लेकर डेरा डालकर ग्रामीण आंदोलित है पंडाल लगाकर शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं आज अमगांव पंचायत के आश्रित परिवारों के द्वारा अनवरत धरना प्रदर्शन की 9वें दिन भी आंदोलन में डटे रहे ।

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ग्रामीणों का कहना है कि पांच बिंदुओं के मसले को एसईसीएल प्रबंधन और शासन के द्वारा जब तक निराकृत नहीं हो जाता यह अनवरत आंदोलन शांतिपूर्वक जारी रहेगा और चलता रहेगा जरूरत पड़ने पर खदानबंदी कोल परिवहन को बाधित भी करेंगे उन्होंने आगे कहा कि सात साल से जोकाहीं डबरीपारा के रुके पड़े मुआवजा राशि को यथाशीघ्र भुगतान करें 100 प्रतिशत सोलिशियम के साथ नेहरूनगर बतारी में समस्त सुविधायुक्त शीघ्र व्यवस्था किया जाए दर्राखांचा के सर्वे नापी मूल्यांकन के पावती के साथ मुआवजा की जानकारी प्रदान किया जाए ग्राम मोहल्ले में 18 साल से अधिक की उम्र बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराये ।

ऊर्जाधानी संगठन के गेवरा क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अनसुईया राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पुराने भू-अर्जन अधिनियम 1984 को निरस्त कर दिया है उसके स्थान पर भूमि अर्जन पुनर्वासन तथा पुनवर्यव्स्थापन में उचित प्रतिकर तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 लागू किया गया है यह अधिनियम अब छत्तीसगढ़ में भी लागू हो गया है भू-अर्जन में उन लोगों को भी प्रभावित माना जाएगा जो तीन साल से उसे क्षेत्र में निवासरत हैं जमीन नहीं होने पर भी उन्हें स्थाई निवासी मानकर पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा लेकिन एसईसीएल के द्वारा ग्रामीण किसानों को इस लाभ से वंचित किया जा रहा है और इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है सात साल ग्रामीण से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं एसईसीएल और शासन एक-दूसरे पर पाला डालकर ग्रामीणों को मझधार में छोड़ दिया गया है ग्रामीण जाए तो जाए कहां? इसीलिए ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं सुनवाई प्रबंधन और प्रशासन के द्वारा नहीं हुई आंदोलन का विस्तार किया जाएगा । उन्होंने बताया कि आंदोलनकारी आम भूविस्थापित लोंगो ने निर्णय लिया है कि अब खदान के विस्तार को रोकने ,आबादी क्षेत्र में ब्लास्टिंग को रोकने का निर्णय लिया गया है जिसकी सूचना सबंधित अधिकारी और प्रबधन को दिया जाएगा ।

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