हमारे राष्ट्र में ज्ञान -विज्ञान की अनुठी परम्परा रही,,,,,,,,,, जन्मजय नायक, गुरुकुल जैसे शिक्षा संस्थानों की नितान्त आवश्यकता पर दिया बल..

Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba सरायपाली – गुरुकुल नवप्रभात वैदिक विद्यापीठ (स्वामी मुनीश्वरानंद सरस्वती द्वारा संस्थापित एवं नवप्रभात पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा परिचालित)का 23वाँ वार्षिकोत्सव तथा महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती जी के 200वीं जयन्ती,(ज्ञान ज्योतिपर्व)के अवसर पर परम पूज्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ स्वामी विवेकानंद सरस्वती,कुलपति,गुरुकुल प्रभात आश्रम मेरठ (उ.प्र.)के आशीर्वाद से 201 कुण्डीय यजुर्वेद पारायण महायज्ञ का दो दिवसीय आयोजन विगत 23 एवं 24 फरवरी को गुरुकुल नवप्रभात वैदिक विद्यापीठ ग्राम नुआँपाली पदमपुर ओड़िशा में धूमधाम से सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर विभिन्न प्रान्तों से साधु-संत,विद्वान,राजनेता,सामाजिक कार्यकर्ता एवं समस्त गुरुकुलीय स्नातक पदार्पण किये।इस कार्यक्रम में सरायपाली से वंदेमातरम् सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष,समाजसेवी,शिक्षक जन्मजय नायक भी सम्मिलित हुए।

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इस अवसर पर अतिथि संबोधन की कड़ी में,अतिथि मंच से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जन्मजय ने कहा-हमारे राष्ट्र में ज्ञान-विज्ञान की अनूठी परम्परा रही है।नालंदा,तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय आज हमारे अतीत का हिस्सा हैं।गुरुकुल व्यवस्था से ही हम विश्वगुरु का गौरव प्राप्त कर सके थे।आज पुनःऐसे संस्थानों की नितान्त आवश्यकता का अनुभव हम सब कर रहे हैं।नायक ने आगे कहा एक ओर जहाँ रात-दिन पुस्तकें रटकर परीक्षा में टॉप कर लेने को आज का विद्यार्थी और संस्थानें अद्भुत सफलता समझते हैं तो वहीं दूसरी ओर नैतिकता और संस्कार के मायने में हम उन्हें पूरी तरह खोखले और दुर्बल पा रहे हैं,आज विद्यार्थियों को तकनीकी एवं नैतिक मूल्यों में सामंजस्य स्थापित कर वैश्विक परिदृश्य में भविष्य के लिए सशक्त एवं सक्षम बनाने की आवश्यकता है।वे वास्तविक शिक्षा से वंचित हैंऔर इस कमी को गुरुकुल की शिक्षा ही दूर कर सकती है। नायक ने आगे कहा-आज जो राष्ट्रव्यापी अनैतिकता का प्रदूषण हमारे समाज और देश को प्रदूषित कर रहा है उसका कारण सिर्फ बच्चों में नैतिकता और संस्कार का अभाव है,और इसी कमी के चलते आज के विद्यार्थी और युवा वर्ग माता-पिता के हाथ से फिसलकर हर वो अनुचित कार्य कर रहे हैं जिसके करने से ही मन घबरा एवं सहम-सा जाता है।नायक ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में माँ पर गीत एवं रामभजन की सुन्दर प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया और काफी तालियाँ बटोरी।इस अवसर पर डॉक्टर सोमदेव शतांशु कुलपति गुरुकुल कांगड़ी सम-विश्वविद्यालय हरिद्वार, स्वामी सुरेश्वरानंद सरस्वती उत्कल,स्वामी व्रतांत सरस्वती गुरुकुलआश्रम आमसेना उपस्थित थे।इस कार्यक्रम में सरायपाली छत्तीसगढ़ से समाज सेवी राजेश पटेल,योगेश साहू,नंदलाल यादव (नंदू) गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डधारी साहित्यकार महेन्द्र पसायत,प्रबुद्ध व्यक्ति एवं साहित्यकार लक्ष्मण नायक भी सम्मिलित हुए।

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