पोंडी-उपरोड़ा ब्लाक के 55 लोगों ने कराई मोतियाबिन्द सर्जरी….

Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN कोरबा 15 मई 2024/ ऑख है तो समझिये सारा जहां आपके पास व साथ है, इसके बगैर इंसान की दुनिया में अंधेरा ही अंधेरा है। कोरबा जिले को मोतियाबिन्द दृष्टिहीनता से मुक्त करने के लिए कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग का नेत्र चिकित्सा विभाग लगातार प्रयासरत् है।

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डॉ. केशरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में मोतियाबिन्द का ऑपरेशन नहीं कराने की व्याप्त गलत धारणा के कारण केवल सर्दियों में मोतिबिन्द का ऑपरेशन कराया जाता है। उन्होंने बताया कि यह धारणा निराधार है जिससे उपचार में अनावष्यक देरी हो सकती है साथ ही आगे और दृष्टिगत समस्या हो सकती है।
सीएमएचओ ने बताया कि दूर या पास का कम दिखाई देना, गाड़ी ड्राइव करने में समस्या और दूसरे व्यक्ति के चेहरे के भावों को न पढ़ पाना आँखों में मोतियाबिन्द विकसित होने के लक्षण हैं। चश्मे या लेंस से स्पष्ट दिखाई न देेने पर सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है जिसकी सलाह आवश्यकता पड़ने पर नेत्र विशेषज्ञों द्वारा दी जाती है।
डॉ. सुमित गुप्ता, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम ने बताया कि राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत् मरीजों का मोतियाबिन्द का ऑपरेशन तथा गुणवत्तापूर्ण दवाई तथा देखभाल करने के साथ ही वनांचल एरिया तथा दुर्गम क्षेत्र के मरीजों को अस्पताल तक लाना शामिल है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाभ लेते हुए ग्राम पोंड़ी उपरोड़ा के 55 ग्रामीण मरीजों ने मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया, जो कि यह दर्शाता है कि लोगों की केवल सर्दियों में ऑपरेषन कराने की धारणा बदल रही है। मोतियाबिन्द की सर्जरी बिल्कुल भी दर्दनाक नहीं होती है। यह लगभग सुरक्षित सर्जरी है और इसकी सफलता की दर काफी अच्छी है।
सीएमएचओ डॉ. केशरी ने जिले के नागरिको से अपील करते हुए कहा कि किसी विषिष्ट मौसम या समय की प्रतीक्षा करते हुए आवश्यक उपचार या सर्जरी को स्थगित ना करें। मोतियाबिन्द के इलाज में देरी करने से दृष्टि संबंधी समस्या और अधिक बिगड़ सकती है और आपके दैनिक जीवन पर इसका हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि आँखों में कोई समस्या हो तो संपूर्ण जांच के लिए नेत्र चिकित्सक से परामर्श लें और मोतियाबिन्द सर्जरी के संबंध में उनके मार्गदर्शन पर ध्यान दें। जिले के मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय कोरबा में मोतियाबिन्द जांच और सर्जरी की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है। साथ ही इस दृष्टिगत समस्या के संबंध में नेत्र चिकित्सकों, नेत्र सहायक अधिकारियों एवं चिकित्सालयीन कर्मचारियों को विषेष रूप से प्रोत्साहित भी किया गया है।

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