लोक आस्था के महापर्व छठ के चौथे और अंतिम दिन आज छठव्रतियों ने उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर इस महापर्व का समापन……..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. कुसमुंडा के आदर्श नगर छठ घाट में लोक आस्था के महापर्व छठ के चौथे और अंतिम दिन आज छठव्रतियों ने उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर इस महापर्व का समापन किया. बड़ी संख्या में छठव्रती उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए छठ घाटों पर पहुंचे और तालाबों और पोखरों के पानी में डुबकी लगाने के बाद भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया. सभी ने अपने और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.

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आपको बता दें कि कुसमुंडा में बड़े धूमधाम से हर वर्ष छठ पर्व पूरी आस्था और भक्ति के साथ मनाया जाता है. साथ ही छठ में शुद्धता का भी पूरा ख्याल रखा जाता है. चार दिवसीय छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है.नहाय-खाय के दूसरे दिन चावल और गुड़ से बने प्रसाद को भगवान को अर्पित करने के बाद छठ व्रती उस प्रसाद को ग्रहण करती हैं.

जिसके बाद छठ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है. पर्व के तीसरे दिन तालाबों, पोखरों और नदियों में खड़े होकर छठ व्रती अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के बाद अपने घर लौटती हैं. पर्व के अंतिम दिन छठव्रती सुबह-सुबह छठ घाट पर पहुंचती हैं और उगते हुए भगवान भास्कर को दूसरा अर्घ्य देने के बाद अपना 36 घंटे का निर्जला व्रत समाप्त करती हैं.

 

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